गोड्डा

बिशनपुर गांव में सात दिवसीय भागवत कथा का आयोजन 

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो 
महागामा। प्रखंड क्षेत्र के बिशनपुर गांव में चल रहे सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथा पंडाल श्रद्धालुओं की भीड़ से खचाखच भरा रहा। कथावाचक पूज्य शरण जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, उनके दिव्य चरित्र और धर्म स्थापना के संदेश पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण केवल एक देवता नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाले मार्गदर्शक हैं। उनके जीवन का प्रत्येक प्रसंग हमें धैर्य, प्रेम, करुणा और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। कथा के दौरान महाराज जी ने प्रेम और क्रोध के विषय पर भी विशेष चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रेम मनुष्य को ईश्वर के निकट ले जाता है, जबकि क्रोध उसे पतन की ओर धकेल देता है। जहां प्रेम है, वहां शांति, सहयोग और सद्भाव स्वतः उत्पन्न होते हैं, लेकिन क्रोध बुद्धि को नष्ट कर रिश्तों और समाज दोनों को कमजोर कर देता है। श्रीकृष्ण ने भी अपने जीवन से यही संदेश दिया कि अन्याय के विरुद्ध खड़े होना धर्म है, परंतु मन में द्वेष और क्रोध को स्थान देना अधर्म है। श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे कथा श्रवण करते रहे और बीच-बीच में “राधे-राधे” व “जय श्रीकृष्ण” के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। आयोजन समिति ने बताया कि कथा के समापन तक प्रतिदिन भंडारे का भी आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण भाग ले रहे हैं।
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