झांसी

राष्ट्रकवि मैथिली शरण गुप्त की जयंती पर हुआ राष्ट्रीय कवि सम्मेलन 

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो 
झांसी : राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त शिक्षा संस्थान द्वारा बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के सभागार में राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया ।जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में मेयर बिहारी लाल आर्य, सारस्वत अतिथि के रूप में डॉक्टर विमल दुबे मंडल आयुक्त झांसी , विमल कुमार चौधरी विशिष्ट अतिथि के रूप में पुलिस उपमहानिरीक्षक झांसी रहे । अध्यक्षता प्रोफेसर मुकेश पांडे बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने की ।कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त के चित्र पर माल्यार्पण के द्वारा किया गया ।स्वागत भाषण वैभव गुप्ता प्रबंधक राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त महाविद्यालय चिरगांव द्वारा दिया गया तत्पश्चात सरस्वती वंदना सुश्री वंदना विशेष के द्वारा की गई । इस मौके पर डॉ विष्णु सक्सेना को राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त सम्मान 2025 प्रदान किया गया ।नियर बिहारी लाल आर्य ने कहा राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त के कारण बुंदेली धरा का नाम विश्व में ऊंचा हुआ उन्होंने राष्ट्र प्रेम को प्रथम स्थान दिया उन्होंने लिखा जो भरा नहीं है भावों से बहती जिसमें रसदार नहीं वह हृदय नहीं वह पत्थर है जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं ।डॉ विमल दुबे सारस्वत अतिथि ने कहा की मैथिलीशरण गुप्त जी ने नागरिकों को दायित्वोद कराया राष्ट्र गौरव के बिना जिम्मेदार नागरिक बनाना संभव नहीं है ।कवि सम्मेलन में प्रख्यात गीतकार डॉ विष्णु सक्सेना ने गीत पढ़ा तन और मन है पास पास बहुत फिर सोच सोच में क्यों डूबी हो हम बदले तो कहां बेवफा वह बदले तो मजबूरी है ।मनवीर मधुर ने पढ़ा हमारी जिंदगी कुरुक्षेत्र का मैदान ही है तो जहां पर लक्ष्य हेतु वीर मरना सीख जाता है ।दीपक दनादन ने पढ़ा मां ने कहा मेरा बेटा जोरू का गुलाम बना,बीवी बोली मुझे लगता है मां का लाल तू, पापा बोले मैं भी इसी दौर से गुजर चुका हूं ।पढ़कर सबको लोटपोट कर दिया। इस मौके पर बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के संकाय सदस्य छात्र-छात्राएं मौजूद रहे ।अर्जुन सिंह चंद ने मंच का संचालन किया एवं आभार डॉ मुन्ना तिवारी विभागाध्यक्ष हिंदी विभाग ने व्यक्त किया ।
 
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