गोड्डा
विद्यालय संयोजिकाओं ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, मध्याह्न भोजन योजना भेंडर को नहीं दे विभाग : उपाध्यक्ष

बिना मानदेय कब तक करेंगे काम को लेकर आवाज किया बुलंद
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
गोड्डा। अग्रसेन भवन में झारखंड राज्य विद्यालय रसोईया संघ की अहम बैठक आयोजित हुई। अध्यक्षता जिला सचिव अनीता ठाकुर ने की। बताया कि झारखंड राज्य के विद्यालयों में कार्यरत संयोजिकाओं ने अपनी विभिन्न मांगों और उपेक्षा को लेकर रोष व्यक्त किया है। हाथों से लिखे एक ज्ञापन के माध्यम से संयोजिकाओं ने झारखंड राज्य की सभी संयोजिका बहनों को क्रांतिकारी सलाम पेश करते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं।
प्रदर्शनकारी संयोजिकाओं का कहना है कि वर्तमान में सरकार द्वारा महिलाओं को केवल वोट बैंक समझकर इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों में वे शिक्षकों की तरह ही पूरा समय देकर निष्ठापूर्वक कार्य करती हैं, इसके बावजूद सरकार की ओर से उन्हें एक रुपया भी मानदेय के रूप में नहीं दिया जाता है। संयोजिकाओं ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आखिर कब तक हम बिना किसी मानदेय के काम करती रहेंगी? एक तरफ झारखंड में बिना कोई काम किए महिलाओं को ₹2,500 (ढाई हजार रुपये) दिए जा रहे हैं, वहीं, दूसरी ओर दिन-रात मेहनत करने वाली संयोजिकाओं को खाली हाथ रखा जा रहा है।
संयोजिकाओं ने चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया है कि अब वे चुप नहीं बैठेंगी और अपने अधिकारों व उचित मानदेय की प्राप्ति के लिए आंदोलन को और तेज करेंगी। वहीं, अनिता ठाकुर जिला सचिव ने संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड सरकार महिलाओं को लोलीपॉप दे कर बुड़बक बना कर रखना चाहते है, अब हमलोग चुपचाप नहीं बैठेंगे। जिला अध्यक्ष प्रिति कुमारी ने संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की हेमंत सोरेन सरकार रसोईया को कम मानदेय तो देती है परन्तु संयोजिका बहनों को कुछ भी मानदेय नहीं। लेकिन धर में बैठी महिलाओं को (2500) दो हजार पांच सौ रुपए दे रही कितनी दुखद है, हम संयोजिका व रसोईया बहनों को एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करनी होगी तब ही ऐसे दोरांगी नीति बाली सरकार को सबक सिखाने की जरूरत है। प्रदेश सचिव मनोज कुमार कुशवाहा ने संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड राज्य में स्कीम वर्कर्स को जैसे रसोईया, संयोजिका, सहिया, जल सहिया, ऐसी कामकाजी महिलाओं के साथ सौतेले व्यवहार किया जा रहा है। हम सरकार ने मांग करता हूं कि एक समान नजरिया से देखा जाए। एक तरफ बिना कुछ काम किए को मानदेय और दुसरी तरफ दिन-रात मेहनत करने बाली संयोजिका जैसी महिलाओं को एक भी रुपया नहीं। आल इण्डिया स्कीम वर्कर्स फेडरेशन ऐसे तमाम रसोईया, संयोजिका, सहिया जल सहिया के मांगों को लेकर काफी चिंतित हैं। अगर सरकार समय रहते तमाम महिलाओं को सम्मान जनक मानदेय नहीं देती है तो एक जोरदार आन्दोलन करने को मजबूर होंगे। जिला अध्यक्ष ने बताया कि सोमवार को जिला शिक्षा अधीक्षक से मिलकर पांच सुत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके बाद भी मांगों पर विचार नहीं किया जाता है तो दुर्गा पूजा पर्व के बाद आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी।
बैठक में संरक्षक संजीव ठाकुर, प्रवक्ता पंकज एक्का, जिला कार्यकारी अध्यक्ष रेखा एक्का, उपाध्यक्ष रेखा देवी, साजो देवी, किरण देवी, रोम चटर्जी, किरन देवी, सीमा देवी, श्वेता देवी, सुजाता देवी, विशाखा देवी सहित दर्जनों संयोजिका बहनें उपस्थित थी।




