बागपत
हिंदुत्व बागपत के शेर: आलोक शास्त्री

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बागपत।
प्रश्न: सबसे पहले आपका संक्षिप्त परिचय और आपकी वर्तमान जिम्मेदारियों के बारे में बताइए।
उत्तर (आलोक शास्त्री): मेरा नाम आलोक शास्त्री है। मैं वर्तमान में हिन्दू युवा वाहिनी में जनपद प्रभारी के दायित्व का निर्वहन कर रहा हूँ। इसके साथ-साथ मैं कई अन्य हिन्दू संगठनों से भी जुड़ा हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य सनातन धर्म की रक्षा, समाज में जागरूकता और राष्ट्रहित से जुड़े विषयों पर मजबूती से आवाज उठाना है।
प्रश्न: आपको हिंदुत्व और सनातन रक्षा के क्षेत्र में सक्रिय होने की प्रेरणा कहां से मिली?
उत्तर: मेरी प्रेरणा हमारे संस्कारों, इतिहास और सनातन परंपरा से मिली है। मैंने महसूस किया कि यदि हम स्वयं अपनी संस्कृति और मूल्यों के लिए खड़े नहीं होंगे तो आने वाली पीढ़ियों को इसकी सही दिशा नहीं मिल पाएगी। इसी सोच ने मुझे सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
प्रश्न: आप लव जिहाद जैसे संवेदनशील मुद्दों पर खुलकर वक्तव्य देते हैं, इसका कारण क्या है?
उत्तर: यह समाज से जुड़ा गंभीर विषय है। मेरा मानना है कि सच्चाई को सामने लाना और लोगों को जागरूक करना आवश्यक है। जब तक समाज को वास्तविकता का ज्ञान नहीं होगा, तब तक समस्या का समाधान संभव नहीं है। मैं हमेशा तथ्यों और कानून के दायरे में रहकर अपनी बात रखता हूँ।
प्रश्न: आपके अनुसार आज सनातन धर्म के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या है?
उत्तर: सबसे बड़ी चुनौती जागरूकता की कमी है। लोग अपनी परंपराओं और अधिकारों को ठीक से नहीं जानते। यदि समाज जागरूक हो जाए तो किसी भी चुनौती का सामना मजबूती से किया जा सकता है।
प्रश्न: युवाओं को आप क्या संदेश देना चाहेंगे?
उत्तर: युवा अपनी संस्कृति, धर्म और राष्ट्र के प्रति सजग रहें। शिक्षा के साथ-साथ संस्कार भी जरूरी हैं। हिंसा नहीं, बल्कि संगठन, अनुशासन और सकारात्म�



