गाजियाबाद
लोनी में सांस लेना हुआ मुश्किल
ए क्यू आई 412 पहुंचा खतरनाक श्रेणी में, प्रशासन की अनदेखी से बढ़ रहा है प्रदूषण संकट
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लोनी, गाज़ियाबाद : लोनी की हवा लगातार ज़हर बनती जा रही है। गुरुवार को क्षेत्र का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 412 दर्ज किया गया, जो “खतरनाक” श्रेणी में शामिल है। इस स्तर पर हवा में मौजूद ज़हरीले कणों से बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं और दमा के रोगियों के लिए हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। हवा इतनी दूषित हो चुकी है कि आम लोगों के लिए सांस लेना भी मुश्किल होता जा रहा है।
सुबह-शाम धूल और धुंध की चादर
स्थानीय निवासियों के अनुसार, सुबह और शाम के समय हवा में धूल और धुंध का ऐसा मिश्रण छाया रहता है कि दृश्यता भी कम हो जाती है। कई लोग सांस लेने में तकलीफ़, आंखों में जलन, खांसी और गले में खराश जैसी दिक्कतों से परेशान हैं। चिकित्सकों ने लोगों को बिना मास्क के बाहर न निकलने और बच्चों व बुजुर्गों को घर के अंदर रखने की सलाह दी है।
प्रदूषण के बढ़ते कारण
लोनी में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ने के पीछे कई कारण जिम्मेदार हैं —
अवैध फैक्ट्रियां और छोटी औद्योगिक इकाइयां, जो बिना किसी नियंत्रण के धुआं और रासायनिक गैसें छोड़ रही हैं।
सड़कों पर खुले में पड़ी निर्माण सामग्री और उड़ती धूल, जो वाहनों के गुजरने पर हवा में घुल जाती है।
कचरा जलाने की घटनाएं और घनी ट्रैफिक व्यवस्था से भी प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है।
प्रशासन के दावे और जमीनी सच्चाई
स्थानीय निवासियों का कहना है कि नगरपालिका परिषद का पानी छिड़काव अभियान सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गया है। लोनी पुस्ता चौकी से लेकर लोनी बॉर्डर तक सड़कों पर धूल की मोटी परत जमा है।
सरकार की ओर से सड़कों को “धूल-मुक्त” करने और प्रदूषण नियंत्रण के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति पूरी तरह विपरीत दिखाई दे रही है।
स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी
प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। जारी एडवाइजरी में कहा गया ह
यदि अत्यावश्यक न हो तो घर से बाहर न निकलें।
बाहर निकलने पर एन-95 मास्क या बेहतर गुणवत्ता वाला मास्क पहनें।
सांस, खांसी या बेचैनी महसूस होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
गर्भवती महिलाएं, छोटे बच्चे और बुजुर्ग लंबे समय तक प्रदूषित हवा में न रहें।
बीड़ी, सिगरेट और तंबाकू का सेवन न करें, क्योंकि ये वायु को और अधिक विषाक्त बनाते हैं।
आम लोगों में बढ़ती बेचैनी
लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता से लोगों में गुस्सा और चिंता दोनों बढ़ रहे हैं।
आगाज सेवा ट्रस्ट की अध्यक्ष हेमा सिंह ने जिला प्रशासन से मांग की है कि प्रदूषण फैलाने वाले स्रोतों पर तुरंत कठोर कार्रवाई और नियमित निगरानी की जाए।
पर्यावरण विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि हालात ऐसे ही बने रहे, तो आने वाले दिनों में लोनी में सांस और हृदय संबंधी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ सकते हैं।
लोनी की जहरीली होती हवा अब केवल पर्यावरण की नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य की गंभीर समस्या बन चुकी है। यदि प्रशासन ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए, तो आने वाले दिनों में हालात और भी भयावह हो सकते हैं।


