लखनऊ: मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने 29 जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों को दिया प्रशिक्षण
मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने पर जोर

लखनऊ, 16 जुलाई 2025: उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) आईएएस नवदीप रिणवा ने बुधवार को लखनऊ में 29 जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) के लिए एक विशेष एकदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य आगामी विधानसभा और लोकसभा निर्वाचनों के लिए मतदाता सूची को त्रुटिरहित और अद्यतन रखना था। यह प्रशिक्षण भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आयोजित किया गया, जिसमें मतदाता सूची के पुनरीक्षण, मतदेय स्थलों के पुनर्गठन और नई गाइडलाइंस पर विशेष ध्यान दिया गया।

प्रशिक्षण में शामिल जिले
इस कार्यक्रम में आगरा, मैनपुरी, फिरोजाबाद, कानपुर नगर, लखनऊ, रायबरेली, उन्नाव, सीतापुर, हरदोई, बाराबंकी, झांसी, जालौन, ललितपुर, बांदा, हमीरपुर, महोबा, चित्रकूट, गोण्डा, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती, फतेहपुर, बरेली, शाहजहांपुर, बदायूं, अलीगढ़, मुरादाबाद, गोरखपुर और पीलीभीत के जिला निर्वाचन अधिकारी शामिल हुए। यह प्रशिक्षण तीसरे और अंतिम चरण का हिस्सा था, इससे पहले मेरठ और वाराणसी में दो चरणों में 37 जिलों के अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।
प्रशिक्षण के प्रमुख बिंदु
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने प्रशिक्षण के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रत्येक मतदेय स्थल पर अधिकतम 1200 मतदाताओं के लिए एक बूथ स्थापित करने पर जोर दिया, जो पहले 1500 की सीमा थी। इस बदलाव के परिणामस्वरूप, उत्तर प्रदेश में लगभग 19,500 नए मतदान केंद्र बनाए जाएंगे।इसके अतिरिक्त, मतदाता सूची को अपडेट करते समय यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि एक ही परिवार के सभी सदस्यों का नाम एक ही पोलिंग बूथ की सूची में दर्ज हो। यह कदम मतदाताओं को मतदान के दौरान सुविधा प्रदान करने और भ्रम की स्थिति से बचने के लिए उठाया गया है। साथ ही, मतदाता सूची में तस्वीरों की स्पष्टता और सटीकता पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया ताकि मतदान के समय पहचान संबंधी कोई समस्या न हो।
जेंडर रेशियो और युवा मतदाताओं पर विशेष ध्यान
नवदीप रिणवा ने प्रशिक्षण में जेंडर रेशियो में सुधार और 18-19 आयु वर्ग के युवा मतदाताओं को सूची में शामिल करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जिन बूथों पर लिंगानुपात कम है, वहां बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) को एक कार्ययोजना बनाकर काम करना होगा। इसके साथ ही, बीएलओ की नियुक्ति और प्रशिक्षण को नियमों के अनुसार करने तथा मतदाता संबंधी शिकायतों का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए गए।
मतदाता जागरूकता और तकनीकी उपयोग
प्रशिक्षण में जिला निर्वाचन अधिकारियों को ईआरओ नेट और बीएलओ ऐप के उपयोग के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई। नवदीप रिणवा ने जोर देकर कहा कि मतदाता फॉर्म भरवाते समय मतदाताओं का मोबाइल नंबर और पता सही-सही दर्ज किया जाए ताकि वे अपने आवेदन की स्थिति को आसानी से ट्रैक कर सकें। इसके अलावा, राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ नियमित बैठकें करने और वेयरहाउस का निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए।
निर्वाचन आयोग की प्रतिबद्धता
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग का उद्देश्य एक स्पष्ट, त्रुटिरहित और समावेशी मतदाता सूची तैयार करना है ताकि चुनाव के दौरान किसी भी मतदाता को असुविधा न हो। इस प्रशिक्षण के माध्यम से जिला निर्वाचन अधिकारी न केवल स्वयं प्रशिक्षित हुए, बल्कि वे अपने अधीनस्थ बीएलओ और सुपरवाइजरों को भी बेहतर ढंग से प्रशिक्षित कर सकेंगे।
आगामी कदम
यह प्रशिक्षण आवास विकास परिषद मुख्यालय के सभागार में आयोजित किया गया। इससे पहले वाराणसी में 10 जुलाई 2025 को 23 जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण आयोजित किया गया था। तीसरे चरण के इस प्रशिक्षण के साथ, उत्तर प्रदेश के सभी जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों को मतदाता सूची के पुनरीक्षण और निर्वाचन प्रक्रिया के लिए तैयार किया जा चुका है। यह कदम उत्तर प्रदेश में स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के नेतृत्व में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम उत्तर प्रदेश में निर्वाचन प्रक्रिया को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। त्रुटिरहित मतदाता सूची और सुचारू मतदान प्रक्रिया के लिए यह प्रशिक्षण जिला निर्वाचन अधिकारियों को नई दिशा और तकनीकी जानकारी प्रदान करेगा, जिससे राज्य में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और सशक्त किया जा सके।