
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बरेली। बहेड़ी स्थित केसर इंटरप्राइजेज चीनी मिल को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई थी, जो बुधवार शाम तक समाप्त हो गई। चीनी मिल 18 नवंबर को पेराई सत्र का शुभारंभ करेगी। 15 नवंबर से सभी गन्ना खरीद केंद्रों पर तौल शुरू होगी। 36 हजार क्विंटल का इंडेंट चीनी मिल ने गन्ना समिति को जारी कर दिया है। पूजन के बाद वॉयलर को शुरू कर दिया है।
चीनी मिल प्रबंधन दोपहर बाद तक जिला प्रशासन से लेकर अपने प्रबंधन तक वार्तालाप करने में जुटा था। शाम 5:30 बजे चीनी मिल के सीईओ शरत मिश्र घोषणा करते हुए बताया कि चीनी मिल अपने पेराई सत्र का शुभारंभ 18 नवंबर की सुबह शुभ मुहूर्त के साथ करेगी। सहकारी गन्ना विकास समिति के सचिव राजीव सेठ ने बताया कि चीनी मिल प्रबंधन ने 36 हजार क्विंटल का इंडेंट जारी कर दिया है।
20 गन्ना खरीद केंद्र इस बार केसर चीनी मिल से छीन लिए गए
केसर चीनी मिल ने पिछले पराई सत्र में 47 गन्ना खरीद केंद्रों से गन्ने की खरीद की थी। पिछले पराई सत्र का भुगतान अदा न करने पर किसान लगातार विरोध कर रहे थे। बीते दिनों हुई सहकारी गन्ना समिति की साधारण सभा की बैठक में भुगतान के मुद्दे पर काफी हंगामा भी हुआ था। इसके बाद गन्ना विभाग ने केसर चीनी मिल के 20 गन्ना खरीद केंद्रों को पीलीभीत तथा मीरगंज को आवंटित कर दिए थे। इसके अलावा एक खरीद केंद्र सेमीखेड़ा चीनी मिल को आवंटित किया गया। इस बार केसर चीनी मिल महज 27 गन्ना खरीद केंद्रों और मिल गेट के खरीद केंद्र से ही गन्ने की खरीद कर पाएगा।
केसर चीनी मिल के सीईओ शरत मिश्र ने बताया कि अब किसी तरह के संशय की स्थिति नहीं है। मिल चलने के पांच दिन के बाद से भुगतान होना शुरू हो जाएगा। पिछला भुगतान भी दिसंबर तक करने की प्रयास रहेंगे। हम जानते हैं मिल के न चलने से क्षेत्र के किसानों का बहुत बड़ा नुकसान होगा। किसानों ने हमेशा चीनी मिल का साथ दिया है। क्षेत्र के किसानों को केसर परिवार पर बहुत बड़ा भरोसा है जिसे हम भी नहीं तोड़ेंगे।



