नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
गाजियाबाद : मंडोला विहार योजना और ट्रॉनिका सिटी से प्रभावित किसानों की मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में लोनी तहसील पर चल रहे दो दिन के धरने को प्रशासन द्वारा वार्ता शुरू करने के आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया था। इसी क्रम में आज आवास विकास परिषद के डिप्टी कमिश्नर अनिल कुमार की अध्यक्षता में परिषद कार्यालय में किसानों और अधिकारियों के बीच वार्ता आयोजित हुई।
किसान प्रतिनिधियों ने बैठक में उन सभी मुद्दों को उठाया जिनकी वजह से अब तक सहमति नहीं बन सकी थी। किसानों ने आरोप लगाया कि परिषद के कुछ तत्कालीन अधिकारियों और उनके रिश्तेदारों ने मिलीभगत कर हजारों हेक्टेयर भूमि पर अवैध रूप से मुआवजा प्राप्त किया है। किसानों का कहना है कि असली पुस्तैनी किसानों को अभी तक उचित मुआवजा, 10% विकसित भूखंड और आबादी वाले क्षेत्र को अर्जन मुक्त करने जैसी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं हुआ है।
वार्ता में परिषद की ओर से डिप्टी कमिश्नर अनिल कुमार, अधीक्षण अभियंता राकेश चंद्र, अधिशासी अभियंता नीरज कुमार और सतेंद्र कुमार मौजूद रहे। किसानों की ओर से भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश संगठन मंत्री प्रवीण मालिक, बिल्लू प्रधान, धरना संयोजक मास्टर महेंद्र सिंह त्यागी, नीरज त्यागी, बॉबी त्यागी और शेरू त्यागी शामिल हुए।
किसान प्रतिनिधियों की अगली वार्ता 11 नवंबर 2025 को लखनऊ में आवास आयुक्त की अध्यक्षता में आयोजित की जाएगी, जिसमें किसानों की ओर से सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भाग लेगा। परिषद द्वारा इस संबंध में पत्र जारी कर दिया गया है।


