ललितपुर

 अतिक्रमण के खिलाफ आवाज उठाने पर महिला पत्रकार को जान का खतरा

पड़ौसियों ने बच्चों को घर में बनाया बंधक, सीसीटीवी कैमरे के तार काटे

धरना प्रदर्शन करने के दौरान घर पर पथराव करने का भी आरोप
पुलिस ने महिला पत्रकार की तहरीर पर 25 नामजद के खिलाफ दर्ज की एफआईआर
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। अतिक्रमण के खिलाफ आवाज उठाने वालीं महिला पत्रकार के घर पथराव करने, गालियां देने और जान से मारने की धमकी देने के प्रकरण में पुलिस ने महिला-पुरुषों समेत दो दर्जन से अधिक के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। मोहल्ला आजादपुरा बीडी कारखाने के पास रहने वाली संजना सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उन्होंने वर्ष 2024 के अगस्त माह में विधि सम्मत होकर मुस्लिम धर्म से हिन्दू धर्म में संपरिवर्तन किया है। आरोप है कि मोहल्ले में रहने वाले समाजवादी पार्टी के दबंग नेता नीलू कुशवाहा व उसके परिजनों द्वारा शहर क्षेत्र में नियम विरूद्ध दूध डेयरी का व्यवसाय संचालन विगत कई वर्षों से किया जा रहा है। जबरन मोहल्ले में पालतू गाय-भैंस बांधकर आम रास्ते को रोक दिया जाता है, जिससे नागरिकों को आवागमन में परेशानियां हो जाती हैं। यह भी आरोप है कि नीलू कुशवाहा, उसका परिवार, शिवानी ताम्रकार ने कई लोगों के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से एकराय होकर संगठित गिरोह को तैयार कर इनको समर्थन देने वाले मुकेश पुत्र फुल्ला उर्फ फूलचंद्र, सोनू पुत्र आशाराम, रमेश, रूपा पत्नी स्व.संतोष, नेहा रैकवार पुत्री स्व.संतोष, जयन्ती उर्फ रन्जू रैकवार, द्रोपती पत्नी स्व.राजेश रैकवार, राधा पत्नी मुकेश, रजनी पत्नी भगवानदास, पूजा पत्नी रमेश, मुकेश, नेहा पुत्री संतोष, तनु जैन किराने वाली, रज्जू रैकवार पुत्र खेमचंद्र, सुनीता, सीमा, रामकुंवर आदि रास्ते को अवरोध करते हैं। शिकायत उसने नगर पालिका से की थी। शिकायत पर ईओ नगर पालिका के आदेश पर 3 मई 2025 को अतिक्रमण हटाओ कमेटी का गठन करते हुये अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए 9 मई 2025 को सुबह 11 बजे तय था। किन्तु तत्समय कार्यवाही नहीं हुयी। 17 नवम्बर को ईओ ने फिर से चिह्नित कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिये। इसी क्रम में 11 दिसम्बर को अपराह्न 2 बजे अतिक्रमण के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की गयी। इस कार्यवाही से उक्त लोगों ने योजनाबद्ध तरीके से एकराय होकर उसकी नाबालिग पुत्रियों व पुत्र शिवा को घर के बाहर से कुण्डी लगाकर ध्वस्तीकरण से निकला मलवा सड़क पर फैला दिया, जिससे मार्ग अवरूद्ध हो गया। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरे के तार काट दिये, जिसकी सूचना डायल 112 पर पुलिस को दी गयी। पुलिस के पहुंचने पर उक्त लोगों से पीडि़ता ने अपनी जान बचायी। 12 दिसम्बर को वह घण्टाघर पर धरना प्रदर्शन में व्यस्त थी, तब पड़ौसियों ने उस पर पथराव किया और उक्त लोगों ने उसके निजी ऑफिस व घर पर कब्जा करने का प्रयास किया। जिसकी सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। महिला पत्रकार ने जानमाल को खतरा बताते हुये कार्यवाही की मांग की। पुलिस ने पीडि़ता की तहरीर पर उक्त लोगों के खिलाफ बीएनएस की धारा 191 (2), 125, 324 (2), 333, 352, 351 (3) के तहत एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी।
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