
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली-। जिले के सरई थाना अंतर्गत महुआ गांव में लंबे समय से कबाड़ का व्यवसाय चल रहा है, लेकिन हाल ही में इस व्यवसाय को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कबाड़ के नाम पर यहां चोरी के कीमती सामान भी खपाए जा रहे हैं। महुआ गांव में दो प्रमुख कबाड़ व्यवसायी हैं, जो लंबे समय से इस धंधे में जुटे हुए हैं। इन दुकानों में चोरी का सामान बेचे जाने की सूचना मिल रही है, और यही कारण है कि कबाड़ की दुकानों का धंधा अवैध तरीके से फल-फूल रहा है।
सूत्रों के अनुसार, महुआ गांव में कबाड़ का व्यापार करने वाले फुटकर विक्रेता पुराने लोहे, टिन और अन्य धातुओं को इक_ा करते हैं। हाल ही में जेपी कंपनी से चोरी का माल भी महुआ गांव की कबाड़ दुकानों में खपाया गया, जो पुलिस की नाक के नीचे हो रहा है। चोरों के लिए यह दुकानें स्वर्णिम अवसर बन चुकी हैं, क्योंकि यहां चोरी के सामान को कम कीमत में आसानी से बेचा जा सकता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि निवास पुलिस इन दुकानों को संरक्षण दे रही है, जिससे कबाड़ दुकानों में चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं। चोरी का माल यहां बड़ी आसानी से खप जाता है, और चोरों को पकड़ने के बजाय पुलिस इन दुकानों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है।
गांव के लोग मानते हैं कि कबाड़ की दुकानों की वजह से अपराध को बढ़ावा मिल रहा है और चोरी की घटनाओं में वृद्धि हो रही है। कबाड़ दुकानों में चोरी के सामान की बिक्री के कारण महुआ गांव में अपराधी गतिविधियाँ पनप रही हैं। अब यह देखना होगा कि प्रशासन कब तक इस समस्या पर सख्त कदम उठाता है, या चोरी का माल कबाड़ दुकानों में खपता रहेगा।



