भवनाथपुर: पूर्व विधायक भानु प्रताप शाही का तीखा प्रहार नौ माह में एक भी नया कार्य नहीं
विधायक साबित हो रहे हैं फेंकू नेता

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो
गढ़वा | भवनाथपुर टाउनशिप स्थित अपने आवास पर गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता में पूर्व विधायक एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही ने वर्तमान विधायक अनंत प्रताप देव पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि चुनाव हुए आठ माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक विधायक ने एक भी विकासात्मक योजना धरातल पर नहीं उतारी है।
शाही ने स्पष्ट कहा कि “जनता ने बदलाव के लिए वोट दिया, लेकिन उन्हें केवल भ्रम और दिखावा मिला।” उन्होंने आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में स्वीकृत सड़कों और टेंडर हो चुके कार्यों को जानबूझकर रोका गया और बाद में दोबारा शिलान्यास कर राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश की गई। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि 16 नवंबर 2023 को अरसली उत्तर टोला, कैलान , कोण मंडरा के लिए लगभग 12 करोड़ रुपये की लागत से सड़क निर्माण का टेंडर हो चुका था और 30 सितंबर 2024 को शिलान्यास भी किया गया। कार्य भी शुरू हो चुका था, लेकिन झामुमो समर्थित लोगों द्वारा जबरन रुकवाकर अब दोबारा शिलान्यास किया गया है।
इसी प्रकार भवनाथपुर-केतार मुख्य सड़क और महुआधाम मार्ग के कार्यों को भी जानबूझकर रोका गया और पुनः शिलान्यास किया गया। उन्होंने बताया कि नौडीहा, जोगियाबीर और सगमा में चार करोड़ की लागत से बनने वाली सड़क का शिलान्यास तो हो चुका है, लेकिन विधायक के हस्तक्षेप से कार्य बाधित हो गया है।
पूर्व विधायक ने कहा कि अनंत प्रताप देव के नौ माह के कार्यकाल में कोई भी नई योजना प्रारंभ नहीं हुई है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, “एक विधायक से अधिक एक मुखिया की तरह व्यवहार कर रहे हैं, मनरेगा योजनाओं जैसे कुआं, तालाब और मेडबंदी की केवल अनुशंसा कर रहे हैं।”
शाही ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मनरेगा एक्ट का उल्लंघन करते हुए पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका को दरकिनार किया जा रहा है। बीडीओ, बीपीओ और मनरेगा कर्मियों पर विधायक समर्थकों द्वारा तीन प्रतिशत कमीशन के लिए दबाव बनाया जा रहा है, जिससे योजनाओं का संचालन प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने कहा कि चुनावी घोषणा पत्र में पलायन रोकने और छह माह में पावर प्लांट चालू कराने की बात कही गई थी, लेकिन आज तक केवल झूठे वादे ही जनता को मिले हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि भवनाथपुर क्रशर प्लांट को कटिंग कराने के लिए विधायक द्वारा ठेकेदार से चार फॉर्च्यूनर गाड़ियां ली गईं, जो भ्रष्टाचार और सांठगांठ का प्रतीक है।
शाही ने कहा कि वर्तमान विधायक की कार्यप्रणाली के कारण क्षेत्र में “तीन विधायक जैसे हालात” बन गए हैं, जिससे प्रखंड कर्मियों, पुलिस प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और आम जनता में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई है। उन्होंने भवनाथपुर विधानसभा को झारखंड की “सबसे बदतर स्थिति वाला क्षेत्र” बताया और कहा कि जनता खुद को असहाय महसूस कर रही है।



