गाजियाबाद

अवैध खनन से त्रस्त किसान, कार्यवाही के लिए सड़क पर उतरेगी भारतीय किसान यूनियन (अनाज)

14 दिसंबर को प्रदेश स्तरीय बैठक, खनन मंत्री का पुतला दहन करने का ऐलान

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी/गौतमबुद्धनगर : यमुना नदी में अवैध खनन और प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रियों के खिलाफ लंबे समय से आवाज उठा रही भारतीय किसान यूनियन (अनाज) ने सरकार व प्रशासन की चुप्पी पर गंभीर नाराज़गी जाहिर की है। यूनियन का कहना है कि अवैध खनन से क्षेत्र का पारिस्थितिक संतुलन बिगड़ रहा है और सबसे ज़्यादा प्रभावित किसान हो रहे हैं, जिनकी फसलें और जमीन लगातार खतरे में हैं।
14 दिसंबर को अहम बैठक, किसानों की रणनीति तय होगी
संगठन की प्रदेश स्तरीय बैठक 14 दिसंबर रविवार को अच्छेजा गांव (गौतमबुद्धनगर) में युवा अध्यक्ष कपिल नगर के कार्यालय पर आयोजित की जाएगी। इसी बैठक में किसानों की समस्याओं को लेकर आगे की रणनीति और आंदोलन की दिशा तय की जाएगी।
“खनन माफिया बेलगाम, प्रशासन मूकदर्शक” — यूनियन का आरोप
राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. सचिन शर्मा ने बताया कि यमुना की बहती धारा में बड़ी-बड़ी पोकलेन मशीनें, जेसीबी और सक्शन मशीनें उतारकर कई फीट गहरे गड्ढे किए जा रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि स्वीकृत क्षेत्र से बाहर रेत का उत्खनन हो रहा है और ओवरलोड वाहनों से इसकी ढुलाई की जा रही है। इस पूरे अवैध कारोबार में ट्रैफिक विभाग के कुछ कर्मियों की मिलीभगत भी सामने आ चुकी है।
अलीपुर बांध टूटने का जख्म आज भी ताज़ा
पं. शर्मा ने वर्ष 2023 की अलीपुर बांध टूटने की घटना को याद करते हुए कहा कि नदी के प्राकृतिक मार्ग से छेड़छाड़ और अवैध खनन की वजह से यह भयावह हादसा हुआ था।
इसमें किसानों की सैकड़ों बीघा फसल बरबाद हो गई और करोड़ों का नुकसान हुआ, लेकिन अब तक पीड़ित किसानों को एक रुपये का मुआवजा भी नहीं मिला।
किसानों की शिकायतें अनसुनी, प्रशासन पर गंभीर सवाल
संगठन का कहना है कि उपजिलाधिकारी लोनी और खनिज अधिकारी को कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन न तो कोई स्थलीय निरीक्षण हुआ और न ही अवैध खनन पर रोक लगी।
किसानों ने आरोप लगाया कि हर शिकायत कागज़ों में ही दबा दी जाती है और माफियाओं का शासन–प्रशासन पर कोई भय नहीं।
खनन मंत्री का पुतला दहन और बड़ा आंदोलन
बैठक के बाद भारतीय किसान यूनियन (अनाज) ने खनन मंत्री का पुतला दहन करने का फैसला किया है। यूनियन ने साफ कहा है कि यह सरकार को चेतावनी है कि किसानों और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों को अब और नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
NGT में दाखिल होगी याचिका — कानूनी लड़ाई शुरू
संगठन ने बताया कि यमुना नदी के संरक्षण और अवैध खनन रोकने के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) में याचिका दाखिल की जाएगी। इसके लिए सभी साक्ष्य, दस्तावेज और शिकायतें तैयार की जा रही हैं।
किसानों की चेतावनी — “मजबूर हुए तो जन आंदोलन छेड़ देंगे”
यूनियन ने कहा कि यदि तुरंत कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो किसान पर्यावरण प्रेमियों के साथ मिलकर बड़ा जन आंदोलन शुरू करेंगे।
इस संबंध में NGT, प्रमुख सचिव, भू-तत्व एवं खनिकर्म निदेशालय और उत्तर प्रदेश शासन को भी औपचारिक शिकायतें भेजी जा चुकी हैं।
बैठक में मौजूद रहे संगठन के वरिष्ठ सदस्य
बैठक में युवा मंडल अध्यक्ष सत्येंद्र गुर्जर, प्रदेश सचिव फुरकान सनी, युवा पश्चिम प्रदेश अध्यक्ष रामगोपाल, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सुमित, जिला उपाध्यक्ष नमन चौधरी, जिला सचिव राजकुमार चंदेल सेन, प्रदेश सचिव सौरभ चंदेल, जिला कार्यकारिणी सदस्य नरेंद्र पाल, सागर अरोड़ा, शिवम, पंकज तोमर, प्रिंस, निखिल, लकी, तुषार, यश, सुहैल चौधरी, दीपांशु और अमनदीप सहित कई किसान नेता मौजूद रहे।
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