मुरादाबाद
गांवों में तेंदुए का आतंक, डर के साये में जी रहे मुरादाबाद के लोग

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
मुरादाबाद। जिले के ग्रामीण इलाकों में तेंदुए का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। लोधीपुर राजपूत कांठ, ठाकुरद्वारा और डिलारी क्षेत्र के कई गांवों में तेंदुए की मौजूदगी ने लोगों की नींद उड़ा दी है। गांवों में लोग रात क्या, दिन में भी डर के साये में जी रहे हैं।
बीस दिन पहले कांठ के एक स्कूल में तेंदुआ अंदर घुस गया
लोधीपुर राजपूत गांव में तेंदुए की हरकतें सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई हैं। वीडियो में तेंदुआ रात के वक्त गलियों में टहलता नजर आ रहा है। गांव वालों का कहना है कि बीते चार दिनों में तेंदुआ दो बार दिखाई दे चुका है। लोगों ने वन विभाग से कई बार शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों को डर है कि तेंदुआ इंसानों या बच्चों पर हमला कर सकता है। कांठ क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं है। गांव पेली विश्नोई में पिछले दस दिन से तेंदुआ सक्रिय है। मंगलवार रात तेंदुआ एक बछड़े को मार गया। यही नहीं, बीस दिन पहले कांठ के एक स्कूल की बाउंड्री लांघकर भी तेंदुआ अंदर घुस गया था। सौभाग्य से उस समय स्कूल खुला नहीं था और बच्चे मौजूद नहीं थे वरना कोई बड़ी घटना हो सकती थी।
ग्रामीणों ने तेंदुए पकड़ने के लिए वन विभाग से मांग की
ठाकुरद्वारा और डिलारी क्षेत्र के गांवों में भी तेंदुए का आतंक है। सुल्तानपुर खद्दर गांव में भी तेंदुआ एक बछड़े को अपना शिकार बना चुका है। इन घटनाओं से लोगों का डर और भी बढ़ गया है। गांवों में शाम होते ही सन्नाटा छा जाता है। लोग अपने बच्चों को बाहर खेलने नहीं दे रहे और खुद भी घरों में कैद होकर रह गए हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने, निगरानी बढ़ाने और गांवों में गश्त करने की मांग की है।
इन सभी गांवों के लोगों ने वन विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे और ट्रैकिंग जैसी जरूरी व्यवस्थाएं की जाएं, ताकि लोग भयमुक्त होकर सामान्य जीवन जी सकें। फिलहाल गांवों में शाम होते ही सन्नाटा पसर जाता है और लोग घरों से निकलने में डर महसूस कर रहे हैं।



