कैराना
कैराना में लंबे समय से सक्रिय रहा अवैध हथियार तस्करी का नेटवर्क
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
कैराना। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण कैराना लंबे समय से अवैध हथियारों की तस्करी के लिए संवेदनशील माना जाता रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा से सटे इस इलाके में पूर्व में भी कई बार पुलिस द्वारा हथियारों की बड़ी खेप पकड़ी जा चुकी है। ताजा मामले में मध्य प्रदेश से पिस्टल और तमंचे लाकर कैराना में सप्लाई करने वाले तस्कर की गिरफ्तारी ने एक बार फिर इस अवैध नेटवर्क की सक्रियता को उजागर कर दिया है।पुलिस सूत्रों के अनुसार, कैराना और आसपास के इलाकों में अवैध हथियारों की मांग लंबे समय से बनी रहती है। इसी मांग को पूरा करने के लिए तस्कर मध्य प्रदेश, बिहार और राजस्थान जैसे राज्यों से सस्ते दामों में हथियार खरीदकर यहां ऊंचे दामों पर बेचते हैं। आमतौर पर ये हथियार अपराधियों, गैंग के सदस्यों और आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों तक पहुंचाए जाते हैं। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि तस्कर आधुनिक तकनीक का सहारा लेकर अपने नेटवर्क को संचालित करते हैं। व्हाट्सऐप कॉल और सोशल मीडिया के जरिए संपर्क कर सौदे तय किए जाते हैं, जिससे पुलिस की नजर से बचना आसान हो जाता है। कई मामलों में तस्कर रेलवे स्टेशनों या सुनसान स्थानों पर हथियारों की डिलीवरी लेते हैं और फिर अलग-अलग माध्यमों से उन्हें गंतव्य तक पहुंचाते हैं। पिछले कुछ वर्षों में कैराना पुलिस ने अवैध हथियार तस्करी के कई मामलों का खुलासा करते हुए दर्जनों पिस्टल और तमंचे बरामद किए हैं। इसके बावजूद तस्कर नए-नए तरीकों से इस धंधे को जारी रखने की कोशिश करते रहते हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हालिया गिरफ्तारी से इस अवैध नेटवर्क की कई अहम कड़ियां सामने आई हैं। फरार सप्लायर और उससे जुड़े अन्य लोगों की तलाश के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है, जिससे अवैध हथियार तस्करी के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकता है।
