बेतुल

बैतूल धर्म की स्थापना और अधर्म का विनाश ही जीवन का उद्देश्य: सुधांशु जी महाराज

हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में राज्य अतिथि के रूप में हुआ सुधांशु महाराज का स्वागत

केंद्रीय मंत्री दुर्गा दास उईके और विधायक योगेश पंडाग्रे रहे उपस्थित
मानसरोवर स्कूल के बच्चों ने नृत्य से किया स्वागत, दीप प्रज्ज्वलन से शुभारंभ
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो 
बैतूल। पुलिस ग्राउंड में चार दिवसीय विराट भक्ति सत्संग महोत्सव का गुरुवार 9 अप्रैल को भव्य शुभारंभ हुआ। विश्व जागृति मिशन के परमाध्यक्ष सुधांशु जी महाराज ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा उन्हें राज्य अतिथि के रूप में सम्मानपूर्वक स्वागत दिया गया। आयोजन स्थल पर सुबह से ही भक्तिमय माहौल बना रहा और हजारों श्रद्धालु सत्संग में शामिल हुए।
उद्घाटन अवसर पर केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्री दुर्गा दास उईके तथा आमला विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे भी मौजूद रहे। दोनों जनप्रतिनिधियों ने सत्संग श्रवण करते हुए पूज्य महाराजश्री का स्वागत और अभिनंदन किया। कार्यक्रम के मुख्य यजमान अशोक हिरानी द्वारा व्यास पूजन संपन्न हुआ, जबकि आयोजन समिति के प्रधान डॉ विनय चौहान सहित अन्य पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
अपने प्रवचन में सुधांशु महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत गीता जीवन को दिशा देने वाली संजीवनी है। गीता जीवन को पावन बनाती है और आत्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करती है। उन्होंने धर्म की स्थापना और अधर्म के विनाश को जीवन का मूल उद्देश्य बताते हुए सनातन पर गर्व करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मृत्यु केवल एक अवस्था है, भय का विषय नहीं, और मनुष्य को अपने जीवन में गीता के सिद्धांतों को अपनाना चाहिए।महाराजश्री ने श्रद्धालुओं को भाव और भक्ति के माध्यम से परमात्मा तक पहुंचने का मार्ग बताते हुए कहा कि सच्चे मन से प्रेम और समर्पण ही ईश्वर तक पहुंचने का सबसे सरल माध्यम है। उन्होंने जीवन की क्षणभंगुरता का उल्लेख करते हुए कहा कि बिना आध्यात्मिक साधना के जीवन व्यर्थ हो जाता है।कार्यक्रम में मानसरोवर स्कूल के बच्चों ने सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत कर अतिथियों का स्वागत किया। मंच संचालन आचार्य अनिल झा ने किया। आयोजन समिति के डॉ विनय चौहान ने बताया कि चार दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में प्रातः और सायंकालीन सत्र होंगे, जिनमें अधिक से अधिक संख्या में श्रद्धालुओं से परिवार सहित शामिल होने की अपील की गई है।
– रविवार को होगा मंत्र दीक्षा संस्कार, पंजीयन अनिवार्य
उन्होंने जानकारी दी कि रविवार को प्रातःकालीन सत्र के बाद दोपहर में मंत्र दीक्षा संस्कार आयोजित किया जाएगा, जिसके लिए पूर्व पंजीयन अनिवार्य रहेगा। यह आयोजन जिले में लंबे समय बाद आयोजित हो रहा है, जिससे श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
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