गोड्डा
ईसीएल कर्मियों की बदहाल जिंदगी
जर्जर क्वार्टर, पानी-बिजली संकट से त्रस्त कर्मचारी, करोड़ों मुनाफे के बीच सुविधाओं का अभाव
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
महागामा। गोड्डा जिला के महागामा अनुमंडल क्षेत्र अंतर्गत बोआरीजोर प्रखंड स्थित ललमटिया राजमहल कोल परियोजना में कार्यरत ईसीएल कर्मियों की हालत बद से बदतर होती जा रही है। करोड़ों रुपये का मुनाफा देने वाली कोयला परियोजना में काम करने वाले कर्मचारियों को आज मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। जर्जर क्वार्टर, अनियमित जलापूर्ति, बिजली संकट और सुरक्षा के अभाव ने कर्मियों का जीवन दुश्वार कर दिया है। स्थानीय कर्मियों ने बताया कि एनएचएस डबल स्टोरी एवं एनएचएस सिंगल क्वार्टरों में महीने में मात्र दो बार पानी दिया जाता है। वहीं, सी-टाइप डबल स्टोरी और बी-टाइप सिंगल क्वार्टरों में सप्ताह में एक बार पानी की आपूर्ति होती है, जबकि डी-टाइप सिंगल क्वार्टरों में प्रतिदिन पानी मिलता है। इस भेदभावपूर्ण व्यवस्था से कर्मियों में भारी नाराजगी है। कर्मचारियों का कहना है कि दिनभर खदान में कठिन परिश्रम करने के बाद जब वे घर लौटते हैं तो आराम करने तक की स्थिति नहीं रहती। क्वार्टरों की छतें जर्जर हो चुकी हैं, दीवारों में दरारें पड़ गई हैं और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। परिवार के साथ रह रहे कर्मी हर समय डर के साये में जीवन बिता रहे हैं।शिकायत करने पर अधिकारियों द्वारा सिर्फ हेडक्वार्टर का हवाला देकर मामले को टाल दिया जाता है। कर्मियों का आरोप है कि टेंडर के नाम पर वर्षों से खेल चल रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्य नहीं होता। केवल खानापूर्ति के लिए मरम्मत कार्य दिखाया जाता है, जबकि समस्याएं जस की तस बनी रहती हैं। कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि आवाज उठाने वालों को डराया – धमकाया जाता है। स्थानीय स्तर पर दबाव बनाने के लिए असामाजिक तत्वों का सहारा लिया जाता है, जिससे कर्मचारी खुलकर अपनी बात नहीं रख पाते। कर्मियों का कहना है कि एक ओर अधिकारी मस्त हैं, वहीं दूसरी ओर कर्मचारी दुख और असुविधा में जीने को मजबूर हैं। करोड़ों की कमाई करने वाली परियोजना यदि अपने कर्मचारियों को सुरक्षित आवास, नियमित पानी-बिजली और सम्मानजनक जीवन नहीं दे पा रही है, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। अब कर्मियों ने उच्च अधिकारियों एवं जिला प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर त्वरित समाधान की मांग की है, ताकि उनके परिवार सुरक्षित और सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।



