सीदपुर ग्राम पंचायत में 6 वर्षों के विकास कार्यों में भ्रष्टाचार का आरोप
ग्रामीणों ने जांच की मांग को लेकर कलेक्टर, एसीबी सहित चार विभागों को सौंपा ज्ञापन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
भरतपुर । पंचायत समिति बयाना की ग्राम पंचायत सीदपुर में पिछले छह वर्षों के दौरान केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत कराए गए विकास कार्यों में व्यापक भ्रष्टाचार एवं वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर भरतपुर, ग्रामीण एवं पंचायती राज मंत्री राजस्थान सरकार, पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) भरतपुर तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद भरतपुर को ज्ञापन सौंपकर उच्च स्तरीय तकनीकी एवं वित्तीय जांच कराने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया कि ग्राम पंचायत सीदपुर से अनुसूचित जाति (एससी ) आरक्षित सीट पर निर्वाचित सरपंच उदयराम कोली पर आरोप है कि वे पिछले छह वर्षों से गांव नगला झामरा के एक प्रभावशाली व्यक्ति के प्रभाव में कार्य कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायतवासियों की अनदेखी करते हुए मनमाने तरीके से विकास कार्य कराए गए तथा अधिकांश कार्यों में वित्तीय अनियमितताएं बरती गईं। ग्रामसभा की बैठकों में ग्रामीणों द्वारा उठाए गए मुद्दों को दबाने, विरोध करने वालों के साथ अभद्र व्यवहार करने तथा प्रशासनिक अधिकारियों को पैसे के बल पर प्रभावित करने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप भी ज्ञापन में लगाए गए हैं। ग्रामीणों ने ज्ञापन में कई अनियमितताओं का विस्तार से उल्लेख किया है। आरोप है कि नगला झामरा में शिवचरण के घर से बच्चू के घर तक नाला निर्माण के लिए करीब 4.99 लाख रुपये का भुगतान लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व कर दिया गया, लेकिन आज तक मौके पर नाला निर्माण नहीं हुआ। पंचायत क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर इंटरलॉकिंग खरंजा कार्यों में वास्तविक कार्य से कई गुना अधिक भुगतान किए जाने का आरोप लगाया गया है। आम रास्तों के दुरुस्तीकरण के नाम पर भी विभिन्न मदों से कई गुना राशि का भुगतान लेने की बात कही गई है, जबकि जमीनी स्थिति अलग बताई गई है। ज्ञापन के अनुसार राज्य सरकार की वृक्षारोपण एवं नर्सरी योजना में लाखों रुपये खर्च दर्शाए गए, लेकिन वर्तमान में एक भी पौधा जीवित नहीं है। प्रधानमंत्री आवास योजना में पात्र एवं जरूरतमंद परिवारों को लाभ से वंचित कर अपात्र व्यक्तियों को सूची में शामिल करने का आरोप लगाया गया है। वहीं प्रधानमंत्री हर घर नल योजना की स्थिति भी बदहाल बताई गई है। इसके अलावा नगला झामरा में वेदो के घर से पोखर तक बनाए गए नाले में घटिया निर्माण सामग्री लगाने, हैंडपंपों में सिंगल फेज मोटर लगाकर तीन फेज मोटर का भुगतान दर्शाने, ग्राम पंचायत के विभिन्न विद्यालयों में बिना पीसीसी और कंक्रीट के इंटरलॉकिंग लगाने तथा घटिया निर्माण कर सरकारी राशि के दुरुपयोग के आरोप भी लगाए गए हैं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि वीबी जी-ग्राम योजना में कुछ चुनिंदा लोगों के नाम बार-बार जोड़कर आर्थिक लाभ पहुंचाया जा रहा है, जबकि अन्य पात्र व्यक्तियों के बार-बार आवेदन करने के बावजूद उन्हें मनरेगा में रोजगार से वंचित रखा गया।


