गोड्डा
राष्ट्रीय विभूति मंच के तत्वाधान में मनाई गई चंद्रशेखर आजाद की जयंती

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
गोड्डा। महान क्रान्तिकारी अमीर शहीद चंद्रशेखर आजाद की जयंती राष्ट्रविभूति मंच के तत्वाधान में पोस्ट ऑफिस चौक स्थित स्मारक स्थान पर माल्यार्पण कर धूमधाम से मनाई गई। मंच सचिव राजेश झा ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद ने भगतसिंह, सुखदेव राजगुरु, रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान शचीन्द्रनाथ सैनियाल, राजेन्द्र नाथ लाहिड़ी, जैसे युवक क्रांतिकारियों को संगठित कर भारत माता को गुलामी की बेड़ियों से छुटकारा दिलाने के लिए अंग्रेजों के खिलाफ आन्दोलन छेड़ दिया आजाद कहा करते। “दुश्मन की गोलियों का हम सामना करेंगे, आजाद ही रहे हैं, आजाद ही मरेंगे”। उन्होंने जीतेजी प्रण को निभाया। चन्द्रशेखर आजाद ने वीरता की नई परिभाषा लिखी थी। सर्वजित झा अधिवक्ता ने कहा कि देशभक्त चन्द्रशेखर आजाद का आजाद भारत का जो सपना था वो पूरा हो, शिक्षा सबके लिए समान हो, इसमें भ्रष्टाचार न हो। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक बिगेन्द्र ने कहा कि आजाद जी बचपन से ही बहुत ही साहसी थे। उन्होंने अंग्रेज पुलिस द्वारा वंदेमातरम का नारा लगाने वाले आंदोलनकारियों को जब पीटते देखा तो उन्होंने पत्थर उठाकर पुलिसकर्मियों को मारकर घायल कर दिया। पकड़े जाने पर मजिस्ट्रेट को उन्होंने नामः-आजाद, पिता का नामः स्वतंत्र और माँ का नाम: भारत माता, घरः जेलखाना बताया।
मजिस्ट्रेट द्वारा पंद्रह बैतों की सजा मिलने पर उन्होंने प्रत्येक बार वंदे मातरम के नारे लगाए। अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य एकरारुल हसन आलम ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद और उनके साथियों के द्वारा स्वतंत्रता आंदोलन में काकोरी ट्रेन डकैती एवं अंग्रेज अधिकारी सांडस की की हत्या कर लाला लाजपत राय की मौत का बदला लिया।
सीताराम राउत ने भी इस अवसर पर विचार रखा। इस अवसर पर श्रद्धांजलि देने वाले पवन कुमार झा, चन्दर पंडित, निखिल झा, मोहम्मद अफरोज उर्फ गुड्डू, संतोष मंडल, प्रफुल पुष्प, बैंककर्मी संजीव मिश्रा, डॉ० नंद किशोर झा आदि उपस्थित थे।



