मानव-वन्यजीव संघर्ष से प्रभावित लोगों को दी कानूनी सहायता की जानकारी
Information regarding legal aid provided to people affected by human-wildlife conflict.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
जामताड़ा। कुशबेदिया पंचायत के सबडीहा गांव में मानव–वन्यजीव संघर्ष से प्रभावित एवं पीड़ित लोगों को न्याय तक पहुंच और उपलब्ध विधिक सेवाओं के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान ग्रामीणों को मानव–वन्यजीव संघर्ष से जुड़े मामलों में उपलब्ध कानूनी सहायता एवं संबंधित विधिक सेवाओं की जानकारी दी गई। साथ ही ग्रामीणों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए जरूरत पड़ने पर विधिक सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया। अभियान के दौरान पीएलवी आरिफा खातून ने ग्रामीणों को बताया कि मानव–वन्यजीव संघर्ष से प्रभावित या पीड़ित व्यक्ति न्याय पाने के लिए उपलब्ध कानूनी सहायता एवं विधिक सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर जानकारी छिपाने के बजाय संबंधित विभाग अथवा विधिक सेवा संस्थान से संपर्क करें। इसके अलावा अभियान में बाल विवाह और बाल मजदूरी की रोकथाम को लेकर भी ग्रामीणों को जागरूक किया गया। लोगों को बताया गया कि कम उम्र में बच्चों की शादी और उनसे मजदूरी कराना उनके अधिकारों एवं भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। ग्रामीणों से बाल विवाह और बाल मजदूरी जैसी सामाजिक कुरीतियों को रोकने में सहयोग करने की अपील की गई। वहीं दहेज प्रथा के कारण महिलाओं के साथ होने वाले अन्याय और उत्पीड़न के खिलाफ भी लोगों को जागरूक किया गया। ग्रामीणों को दहेज प्रथा का विरोध करने तथा महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए आगे आने का संदेश दिया गया।अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के अधिक से अधिक लोगों को उनके कानूनी अधिकारों, उपलब्ध विधिक सहायता और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूक करना रहा। इस दौरान ग्रामीणों को मानव–वन्यजीव संघर्ष सहित बाल विवाह, बाल मजदूरी और दहेज प्रथा जैसी समस्याओं के प्रति सजग रहने तथा जरूरतमंद लोगों को उचित सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रेरित किया गया।



