ललितपुर
मडावरा सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक पर भ्रष्टाचार और शोषण के गंभीर आरोप
कर्मचारियों ने डीएम को शिकायती पत्र भेजकर उठायी हटाने की मांग
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) मडावरा में तैनात चिकित्सा अधीक्षक डा.अविनाश कुमार एक बार फिर विवादों के घेरे में हैं। यहां कार्यरत कर्मचारियों ने उन पर आर्थिक और मानसिक शोषण करने और पद का दुरुपयोग करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। कर्मचारियों ने इस संबंध में जिलाधिकारी को पत्र लिखकर तुरंत कार्रवाई और चिकित्सा अधीक्षक को हटाने की मांग की है। कर्मचारियों का आरोप है कि चिकित्सा अधीक्षक द्वारा उनका लगातार शोषण किया जा रहा है। पत्र के अनुसार, कर्मचारियों को सप्ताह के सातों दिन काम करने के लिए मजबूर किया जाता है। यहां तक कि रविवार और सरकारी अवकाश के दिन भी छुट्टी नहीं दी जाती। यदि कोई कर्मचारी किसी निजी कारण से अवकाश मांगता है, तो उसे तब तक स्वीकार नहीं किया जाता जब तक कि वह कथित तौर पर सुविधा शुल्क न दे। कर्मचारियों का आरोप है कि चिकित्सा अधीक्षक की कार्यशैली पूरी तरह से विवादित है और उनका एकमात्र एजेंडा कर्मचारियों से अवैध वसूली करना है। कर्मचारियों ने अपने शिकायत पत्र में स्पष्ट किया है कि यह कोई नई बात नहीं है। उन्होंने 11 बिंदुओं का हवाला देते हुए बताया कि पूर्व में भी कई कर्मचारी, जिनमें डायटीशियन, बीसीपीएम, फार्मासिस्ट और वार्ड बॉय शामिल हैं, शिकायतें कर चुके हैं। आरोप है कि पूर्व में की गई शिकायतों पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) स्तर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिसके चलते चिकित्सा अधीक्षक के हौसले बुलंद हैं। शिकायतकर्ताओं ने यह भी उल्लेख किया है कि पूर्व में उन्हें हटाने के आदेश जारी होने के बावजूद वह अब तक पद पर बने हुए हैं। पीडि़त कर्मचारियों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि उक्त सीएचसी चिकित्सा अधीक्षक को तत्काल प्रभाव से पद से हटाया जाए। कर्मचारियों ने प्रशासन को चुनौती देते हुए कहा है कि यदि उनके आरोपों पर संदेह है, तो वह स्वास्थ्य विभाग से इतर किसी अन्य स्वतंत्र विभाग से मामले की गोपनीय जांच करवाने के लिए तैयार हैं।