बरेली
आयुष्मान कार्ड पर वसूली का भंडाफोड़
लोक अदालत ने गंगा चरण अस्पताल पर लगाया 18 हजार का जुर्माना

नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो
बरेली : आयुष्मान भारत योजना को लूट का जरिया बनाने वाले अस्पतालों पर स्थायी लोक अदालत ने तगड़ा प्रहार किया है। बरेली लोक अदालत ने गंगा चरण आर्यवर्धन अस्पताल, रामपुर गार्डन को फटकार लगाते हुए आयुष्मान कार्ड धारक बुजुर्ग महिला से की गई अवैध वसूली का पूरा पैसा और हर्जाना लौटाने का आदेश दिया है। PLA वाद संख्या-27/2025 में फरीदपुर की 77 साल की रामेश्वरी देवी ने आरोप लगाया था। 10 अक्टूबर 2025 की रात 11:25 बजे गंगा चरण अस्पताल में भर्ती कराया गया। काउंटर पर आयुष्मान कार्ड और आधार दिखाकर साफ कहा गया कि इलाज योजना के तहत बिल्कुल फ्री होगा।
लेकिन अस्पताल ने मरीज के तीमारदारों को मेडिकल स्टोर से तत्काल दवाई लाने को कहा । दवाओं के नाम पर 8,801 रुपये जबरन वसूले। ब्लड जांच के 5,000 रुपये एडवांस ले लिए, बिल तक नहीं दिया। बाद में 820 रुपये और 1,703 रुपये की दवाएं और थमा दीं। कुल 13,324 रुपये लूट लिए। जबकि नियम साफ है: भर्ती से लेकर छुट्टी तक दवा, जांच, भोजन सब फ्री।
उपरोक्त घटना खुलने के बाद अस्पताल ने 8,324 रुपये का चेक भेजकर लीपापोती की कोशिश की। लेकिन वाद कोर्ट में लंबित था, इसलिए परिवार ने चेक लेने से मना कर दिया। लोक अदालत के अध्यक्ष काली चरन, सदस्य संजीव कुमार गौतम और सदस्य अनीता यादव की बेंच ने सुनवाई की। अस्पताल के पैरोकार सिर्फ तारीख लेते रहे, जवाब दाखिल नहीं किया।
स्थानीय लोक अदालत ने पीड़ित के पक्ष में दिया फैसला ,और कहा आयुष्मान भारत योजना गरीबों के इलाज के लिए है लूट के लिए नहीं। गंगा चरण अस्पताल ने योजना की धज्जियां उड़ाईं। इसलिए अस्पताल को वसूली गई 8,324 रुपये तुरंत लौटाने होंगे। साथ में मानसिक टॉर्चर और भागदौड़ की भरपाई के लिए 10,000 रुपये अतिरिक्त हर्जाना भी देना होगा।
पूरा अमाउंट 18,324 रुपये 1 महीने के अंदर महिला को अदा करो। लेट किया तो महिला कोर्ट के जरिए कुर्की करवाकर पैसा वसूल सकती है।
यह फैसला प्रदेशभर के अस्पतालों के लिए सीधी चेतावनी है। लोक अदालत ने साफ कर दिया है आयुष्मान कार्ड पर एक रुपये भी नहीं लिया जाएगा। दवा, जांच, बेड, भोजन, सर्जरी सब फ्री। अगर कोई अस्पताल पैसा मांगता है तो तुरंत मुख्य चिकित्सा अधिकारी बरेली या स्थायी लोक अदालत में शिकायत करो।


