बागपत

“पिता की विरासत से मिली सेवा की प्रेरणा, लेकिन अपनी अलग पहचान बनाने के लिए चुना जनरल एवं लैप्रोस्कोपिक सर्जरी का क्षेत्र”

विशेष बातचीत: डॉ. मुदित गर्ग (MBBS, MS), जनरल एवं लैप्रोस्कोपिक सर्जन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बागपत।
प्रश्न : डॉ. साहब, सबसे पहले अपने बारे में और अपनी चिकित्सा यात्रा के बारे में बताइए।
उत्तर (डॉ. मुदित गर्ग): चिकित्सा सेवा मेरे परिवार की परंपरा रही है। बचपन से ही मरीजों की सेवा और उनके चेहरे पर उपचार के बाद आने वाली मुस्कान को बहुत करीब से देखा है। यही कारण था कि मैंने भी डॉक्टर बनने का निर्णय लिया। MBBS के बाद मैंने जनरल सर्जरी में MS किया और आज नेहरू रोड, बड़ौत स्थित अपने क्लीनिक पर जनरल एवं लैप्रोस्कोपिक सर्जन के रूप में सेवाएं दे रहा हूँ। मेरा प्रयास है कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से मरीजों को सुरक्षित, प्रभावी और किफायती उपचार उपलब्ध कराया जाए।
प्रश्न: आपके पिता डॉ. जे. के. गर्ग इस क्षेत्र के अत्यंत सम्मानित नेत्र विशेषज्ञ रहे हैं। उन्होंने वर्षों तक हजारों मरीजों की आंखों की रोशनी बचाई और लोगों के बीच विश्वास कायम किया। ऐसे में अधिकांश लोगों को उम्मीद रही होगी कि आप भी नेत्र रोग विशेषज्ञ बनेंगे। आपने बिल्कुल अलग क्षेत्र क्यों चुना?
उत्तर: यह सच है कि मेरे पिता डॉ. जे. के. गर्ग इस क्षेत्र के प्रतिष्ठित नेत्र विशेषज्ञ रहे हैं। उन्होंने अपनी मेहनत, ईमानदारी और सेवा भाव से लोगों का जो विश्वास जीता, वह हमारे परिवार के लिए गर्व की बात है। उनकी पहचान केवल एक डॉक्टर के रूप में नहीं, बल्कि एक संवेदनशील और समर्पित चिकित्सक के रूप में रही है।
उनकी प्रेरणा से ही मैंने चिकित्सा क्षेत्र चुना, लेकिन हर व्यक्ति की अपनी रुचि और क्षमता होती है। मेडिकल शिक्षा के दौरान मेरी रुचि सर्जरी की ओर अधिक बढ़ी। मुझे लगा कि ऑपरेशन के माध्यम से गंभीर और जटिल बीमारियों का प्रभावी समाधान देने का अवसर इस क्षेत्र में अधिक है। इसलिए मैंने जनरल एवं लैप्रोस्कोपिक सर्जरी को अपनी विशेषज्ञता का क्षेत्र बनाया।
मेरे लिए सबसे बड़ी प्रेरणा मेरे पिता का सेवा भाव है। उन्होंने मरीजों का विश्वास जीता, और मैं भी उसी विश्वास को अपने कार्य के माध्यम से आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहा हूँ। विभाग अलग है, लेकिन उद्देश्य वही है—हर मरीज को सर्वोत्तम उपचार और मानवीय व्यवहार देना।
प्रश्न: आज के समय में लैप्रोस्कोपिक सर्जरी को काफी महत्व दिया जा रहा है। यह क्या है और इसके क्या लाभ हैं?
उत्तर: लैप्रोस्कोपिक सर्जरी आधुनिक तकनीक पर आधारित ऑपरेशन पद्धति है, जिसे आम भाषा में दूरबीन से ऑपरेशन भी कहा जाता है। इसमें बड़े चीरे की आवश्यकता नहीं होती। छोटे-छोटे चीरे लगाकर कैमरे और विशेष उपकरणों की सहायता से ऑपरेशन किया जाता है।
इस तकनीक के अनेक लाभ हैं—कम दर्द, कम रक्तस्राव, संक्रमण का कम खतरा, अस्पताल में कम समय रुकना, जल्दी रिकवरी और मरीज का शीघ्र सामान्य जीवन में लौट आना। यही कारण है कि आज अधिकांश सामान्य सर्जरी में इस तकनीक का उपयोग बढ़ रहा है।
प्रश्न: आपके पास किन-किन बीमारियों के मरीज सबसे अधिक आते हैं?
उत्तर: हर्निया, अपेंडिक्स, पित्त की थैली में पथरी, बवासीर, फिशर, फिस्टुला, लिपोमा, हाइड्रोसील, स्तन की गांठ तथा अन्य सामान्य सर्जिकल समस्याओं के मरीज बड़ी संख्या में आते हैं। प्रत्येक मरीज की विस्तृत जांच के बाद उसकी स्थिति के अनुरूप उपचार की योजना बनाई जाती है। हमारा प्रयास रहता है कि मरीज को अनावश्यक जांच या ऑपरेशन की सलाह न दी जाए।
प्रश्न: ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर लोग बीमारी को लंबे समय तक नजरअंदाज करते रहते हैं। इससे क्या नुकसान होता है?
उत्तर: यह एक गंभीर समस्या है। कई लोग शुरुआती लक्षणों को सामान्य समझकर घरेलू उपचार या बिना डॉक्टर की सलाह के दवाइयाँ लेते रहते हैं। जब तक वे विशेषज्ञ के पास पहुंचते हैं, तब तक बीमारी काफी बढ़ चुकी होती है। समय पर जांच और उपचार कराने से न केवल बीमारी जल्दी ठीक होती है बल्कि कई गंभीर जटिलताओं और बड़े ऑपरेशन से भी बचा जा सकता है।
प्रश्न: एक डॉक्टर के रूप में आपकी प्राथमिकता क्या रहती है?
उत्तर: मेरी पहली प्राथमिकता मरीज का विश्वास और उसकी सुरक्षा है। मैं हमेशा मरीज को उसकी बीमारी के बारे में पूरी जानकारी देता हूँ और केवल आवश्यकता होने पर ही ऑपरेशन की सलाह देता हूँ। यदि दवाइयों या अन्य उपचार से मरीज ठीक हो सकता है तो उसी विकल्प को प्राथमिकता दी जाती है। चिकित्सा में ईमानदारी और पारदर्शिता सबसे महत्वपूर्ण है।
प्रश्न: युवाओं और क्षेत्रवासियों के लिए आपका क्या संदेश है?
उत्तर: स्वास्थ्य सबसे बड़ी पूंजी है। किसी भी बीमारी को नजरअंदाज न करें। समय पर जांच कराएं, योग्य चिकित्सक से सलाह लें और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं। चिकित्सा केवल इलाज नहीं, बल्कि विश्वास और सेवा का माध्यम है।
डॉ. मुदित गर्ग:
“मेरे पिता डॉ. जे. के. गर्ग ने चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में जो विश्वास और सम्मान अर्जित किया, वह मेरे लिए प्रेरणा है। मैंने चिकित्सा का अलग क्षेत्र चुना है, लेकिन मेरा उद्देश्य वही है—हर मरीज को आधुनिक तकनीक, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ सर्वोत्तम उपचार उपलब्ध कराना।”
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