
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल। छोटे-छोटे मासूम बच्चों के भविष्य को संवारने वाली जगह अगर खुद ही खंडहर बन जाए, तो हादसे को रोका नहीं जा सकता। चिचोली तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत धनियाजाम का आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक 01 ऐसे ही खतरे से घिरा हुआ है। यहां 0 से 6 वर्ष तक के मासूम बच्चे रोजाना पढ़ने आते हैं, लेकिन भवन की हालत देखकर कोई भी यह सोचने पर मजबूर हो जाएगा कि यह किसी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है। जर्जर दीवारें खतरे की घंटी बजा रही हैं। भवन की दीवारों में अंदरूनी हिस्सा पूरी तरह से सीलन से भर चुका है। ग्रामीणों ने बताया कि वे कई बार पंचायत सचिव और जनप्रतिनिधियों को इस भवन की खराब स्थिति के बारे में जानकारी दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों में प्रशासन की अनदेखी को लेकर नाराजगी भी है। ग्रामीणों की मांग है कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए या तो भवन की तत्काल मरम्मत कराई जाए या नया भवन स्वीकृत कर निर्माण कार्य शुरू किया जाए। ध्यान देने वाली बात यह है कि इस केंद्र में शिक्षा के साथ बच्चों को पौष्टिक भोजन और स्वास्थ्य जांच जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं भी दी जाती हैं। अगर भवन की हालत यही रही तो इन सेवाओं पर भी असर पड़ेगा।
आंगनवाड़ी केंद्र की सबसे गंभीर समस्या यह है कि भवन में बीम और कॉलम नहीं है, जिससे इसकी संरचना बेहद कमजोर हो चुकी है। छत का लेंटर केवल दीवारों के सहारे टिका हुआ है, जो किसी भी समय भरभराकर गिर सकता है। बरसात के मौसम में यह खतरा और भी बढ़ गया है। यदि जल्द ही इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो बड़ा हादसा हो सकता है।




