बेतुल
बैतूल सरकारी जमीन पर अतिक्रमण से 10 फीट का सार्वजनिक मार्ग हुआ संकरा
महीनों से तहसील, थाना और जनसुनवाई के चक्कर काट रही महिला, नहीं हो रही सुनवाई

पटवारी की जांच में अतिक्रमण की पुष्टि के बावजूद कार्रवाई नहीं
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल। आठनेर तहसील के ग्राम पंचायत दहेगुड़ में सरकारी रास्ते पर अतिक्रमण का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में फरियादी महिला अनीता डडोरे महीनों से तहसील, थाना और जनसुनवाई के चक्कर काट रही हैं, लेकिन रास्ता अब भी कब्जे में है। पटवारी की जांच में अतिक्रमण की पुष्टि के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। धमकी और दबाव के बीच न्याय की आस लगाए पीड़िता अब मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के भरोसे बैठी है।
जानकारी के अनुसार पीड़िता ग्राम पंचायत दहेगुड़ के नयेगांव की निवासी होकर पेशे से गुणवंत बाबा मंदिर में पूजा-पाठ करके अपना गुजारा करती हैं। उनके आवास के सामने सरकारी रास्ता है, जो पहले 10 फीट चौड़ा था और बैलगाड़ी आसानी से आ-जा सकती थी। शिकायतकर्ता अनीता का आरोप है कि पड़ोसी टापचंद किराड़ और सुशीला सोलंकी ने कथित तौर पर इस रास्ते पर अतिक्रमण कर लिया और रास्ते में गंदा पानी रोज बहाया जाता हैं जिससे बदबू चलती है। अब मोटरसाइकिल का भी आवागमन मुश्किल हो गया है।
अनीता बताती हैं कि विगत 6 जनवरी को उन्होंने आठनेर तहसीलदार को और 10 जनवरी को थाना आठनेर में शिकायत दर्ज कराई। पटवारी ने मौका देखा, पंचनामा बनाया और अतिक्रमण की पुष्टि की, लेकिन अतिक्रमण हटाने की कोई कार्रवाई नहीं हुई। जबरन कब्जा का रोध करने पर टापचंद और सुशीला ने अपशब्द कहे, मारपीट की कोशिश और जान से मारने की धमकी तक दी। शिकायतकर्ता के अनुसार ग्रामीण और पंचायत के पदाधिकारी टापचंद से डरते हैं। घटना को आस पड़ोस में रहने वालो ने देखी हैं। ग्राम पंचायत के सरपंच, पंच और सचिव ने मामले को तहसीलदार पर टाल दिया। पुलिस ने दोनों पक्षों का बयान लिया, लेकिन आगे कोई ठोस कदम नहीं उठाया। जनसुनवाई में शिकायत भी बेनतीजा रही। अब मामला मुख्यमंत्री हेल्पलाइन तक पहुंच गया है, लेकिन यहां भी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टालने का सिलसिला जारी है। पीड़िता ने बताया, सरकारी रास्ता कब्जे में होने से घर तक पहुंचना दूभर हो गया है। तहसीलदार मौके पर नहीं आए, पुलिस ने सिर्फ कागजी कार्रवाई की।



