बरेली

ऑनलाइन के चलते बाजार का कारोबार पचास प्रतिशत कम हुआ

नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो
बरेली। ऑनलाइन बाजार ने ऑफलाइन (स्थानीय बाजार) मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार की कमर तोड़ दी है। ई कामर्स वेबसाइटों पर एमआरपी पर छूट के ऑफरों ने ग्राहकों को ऐसा फंसाया है कि वे ऑफलाइन मोबाइल या अन्य आइटम खरीदने बाजार में जा रहे हैं, लेकिन व्यापारियों से रेट और छूट देने की बात पूछकर पीछे हट रहे हैं। त्योहारी सीजन में ऑनलाइन कारोबार ने ऑफलाइन कारोबार आधा कर दिया है। इससे व्यापारी परेशान हैं और उन्हें मोटा नुकसान उठाना पड़ रहा है।
शहर में बटलर प्लाजा मार्केट माेबाइल कारोबार का हब है। यहां करीब 200 से ज्यादा दुकानें हैं। इसमें मोबाइल, एसेसरीज, लैपटॉप, कंप्यूटर और टेलीकॉम कारोबार शामिल है। बटलर प्लाजा लैपटॉप-कंप्यूटर बिक्री का भी बड़ा केंद्र है। बरेली मंडल के सभी जिलों के व्यापारी और ग्राहक कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन और एसेसरीज समेत अन्य चीजें खरीदने के लिए बटलर प्लाजा ही पहुंचते थे, लेकिन पिछले एक साल से ऑनलाइन कारोबार ने ग्राहकों को ऑफरों के जाल में ऐसा फंसाया है कि ग्राहकों ने बटलर प्लाजा की ओर रुख कम कर दिया है। व्यापारियों ने बताया कि जिले में मोबाइल सेक्टर का हर माह करीब 30 से 35 करोड़ रुपये का कारोबार होता था, लेकिन ऑफलाइन की वजह से कारोबार आधा रह गया है। एक दुकान का किराया एवरेज में 50 हजार रुपये प्रतिमाह है। व्यापारी इतने परेशान हैं कि किसी महीने तो उनकी दुकान का किराया, दो से तीन लड़कों की सेलरी का खर्चा तक नहीं निकल रहा है।
मोबाइल कारोबारी अनुज अग्रवाल ने बताया कि ऑनलाइन और ऑफलाइन पर मोबाइल के मॉडल में रेट का अंतर होता है। पुराने मॉडल पर छूट रहती है, लेकिन कंपनियां उस मॉडल को ऑनलाइन कर देती हैं। ग्राहक पुराने मॉडल के बारे में पूछताछ करने आते हैं, लेकिन खरीदते हैं ऑनलाइन। त्योहारी सीजन में 50 प्रतिशत तक ऑफलाइन कारोबार को नुकसान रहता है। भारत सरकार के नियम सख्त नहीं हैं, इसलिए कंपनियां मनमानी से काम कर रही हैं। मोबाइल कारोबारी संदीप मेहरा ने बताया कि ऑफलाइन बाजार प्रतिदिन कम हो रहा है। ऑनलाइन बाजार बढ़ रहा है। मोबाइल के मॉडलों के रेट में ज्यादा अंतर नहीं हैं, लेकिन ऑनलाइन कंपनियों ने एमआरपी पर भारी छूट देने की बात लिख ग्राहकों को अपनी ओर खींचा है। उदाहरण के तौर पर 19 हजार का मोबाइल हैंडसेट है, ऑनलाइन एमआरपी पर चार या पांच हजार छूट दिखा दी, जबकि ऑफलाइन बाजार में भी एमआरपी पर छूट है, लेकिन ग्राहक ऑनलाइन एमआरपी पर ज्यादा भरोसा कर रहा है।
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