सेवा का अधिकार सप्ताह के तहत 21 पंचायतों समेत 2 नगर परिषद वार्डों में लगे शिविर
Under the Right to Service Week, camps were organised in 21 Panchayats and 2 Municipal Council wards.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़। राज्य सरकार की जनकल्याणकारी पहल ‘सेवा का अधिकार सप्ताह’ के अंतर्गत आज पाकुड़ जिला के 21 पंचायतों एवं 2 नगर परिषद वार्डों में जनसेवा शिविरों का सफल आयोजन किया गया। इन शिविरों ने ग्रामीणों के लिए एक स्थान कई सेवाएं की सुविधा उपलब्ध कराई, जहां विभिन्न विभागों द्वारा आवेदन प्राप्त किए गए और कई सेवाओं का तत्काल निपटारा भी किया गया। मंगलवार को आयोजित शिविर चांदपुर, चांचकी, गंधाईपुर, पृथ्वीनगर, जयकिष्टोपुर एवं रहसपुर (पाकुड़ सदर), केंदुआ एवं मंझलाडीह (हिरणपुर), सोनाधनी, बड़ाघघरी एवं जोरडीहा, (लिट्टीपाड़ा), आलूबेड़ा एवं सिंगारसी,(अमड़ापाड़ा), बलियाडंगाल, छक्कूधारा, पथरिया, चंडालमारा एवं देवीनगर, (महेशपुर), बीचपहाड़ी, गणपुरा एवं खक्सा (पाकुड़िया) तथा नगर परिषद वार्ड 11 और 12 में हुए। उप विकास आयुक्त महेश कुमार संथालिया ने पाकुड़ प्रखंड के रहसपुर पंचायत में आयोजित शिविरों का निरीक्षण किया।। वही उन्होंने विभिन्न विभागों के स्टॉल, सेवा वितरण व्यवस्था, प्राप्त आवेदनों की संख्या, लाभुकों की समस्याएँ का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी आवेदनों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करें ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सके। इस दौरान लाभुकों के बीच स्वीकृति पत्र एवं प्रमाणपत्रों का वितरण भी किया गया। उप विकास आयुक्त महेश कुमार संथालिया ने कहा कि ‘सेवा का अधिकार सप्ताह’ का मूल उद्देश्य सरकारी सेवाओं को जनता की पहुँच में लाना और उन्हें समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लगाए जा रहे ये शिविर प्रशासन और जनता के बीच एक मजबूत सेतु का काम कर रहे हैं, जहां नागरिकों को विभिन्न विभागीय कार्यों के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते, बल्कि सेवाएं उनके द्वार तक पहुंच रही हैं।इस सप्ताह के दौरान प्राप्त होने वाले प्रत्येक आवेदन को समयबद्ध रूप से निपटाना अत्यंत आवश्यक है। कोई भी आवेदन अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहना चाहिए। सभी विभागीय कर्मी जमीनी स्तर पर सक्रिय रहकर यह सुनिश्चित करें कि लाभुकों को सभी सेवाएं बिना भेदभाव, बिना देरी और पूर्ण पारदर्शिता के साथ उपलब्ध हों। प्रत्येक अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को गम्भीरता से निभाएँ और यह ध्यान रखें कि योजनाओं का लाभ सही पात्र व्यक्ति तक पहुंचे। आयोजित शिविरों में आय प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, झारखंड राज्य सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 से संबंधित अन्य सेवाएं जैसे दाखिल-खारिज, नया राशन कार्ड, भूमि की मापी, भूमि धारण प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, दिव्यांग पेंशन, विधवा पेंशन, वृद्धा पेंशन, स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र के साथ- साथ विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े आवेदन लिए गए हैं। 21 से 28 नवंबर तक संचालित ‘सेवा का अधिकार सप्ताह’ में बड़ी संख्या में जिलेवासियों की भागीदारी देखी जा रही है।



