डॉ भीमराव अंबेडकर के सिद्धांतों पर चलकर ही होगा समता मूलक समाज की संरचना
An egalitarian society can be formed only by following the principles of Dr. Bhimrao Ambedkar.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
जामताड़ा जिले के करमाटाँड़ प्रखंड अंतर्गत ताराबहाल पंचायत के कमारडीह में अम्बेडकर क्लब कमारडीह की ओर से मंगलवार को भारतीय संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135 वीं जयंती धूमधाम से मनाई। जिसमे कमारडीह मोड़ स्थित बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। जिसमें मुख्य रूप से पंचायत समिति सदस्य परमेश्वर दास,समाजसेवी कार्तिक रजक उपस्थित थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए परमेश्वर दास ने बताया कि बाबा साहेब का जन्म 14 अप्रैल 1891 में मध्यप्रदेश के महू में हुआ था। डॉ. आंबेडकर सामाजिक नवजागरण के अग्रदूत और समतामूलक समाज के निर्माणकर्ता थे। वह समाज के दलित, कमजोर, मजदूर, महिलाओं आदि को शिक्षा के जरिए सशक्त बनाना चाहते थे। पंचायत समिति सदस्य परमेश्वर दास ने संबोधित करते हुए कहा की बाबा साहब दुनिया के महानतम व्यक्ति हुए हैं उनके द्वारा किये गये कार्य व लिखा गया संविधान की जितनी प्रशंसा की जाये उतनी कम है। हमे शिक्षित होकर समाज को एक सही दिशा देने की जरुरत है तभी समाज आगे बढेगा। बाबा साहब ने समानता का अधिकार देकर राष्ट्र को एकता के सूत्र में बांधा है।सभी वक्ताओं ने अम्बेडकर जी जीवनी पर प्रकाश डाला। मौके पर दुलाल दास, रेशमलाल दास, नारायण भंडारी, राजीब महतो, कंचन मंडल, अभिजीत दास, प्रकाश दास,दिलीप दास, राजन दास, मनु दास, दिनेश रजक,बालकिशन दास, चौधरी दास,अरुण रजक आदि उपस्थित थे।



