बेतुल
बैतूल रकबा कम दर्ज कर बीमा राशि में हेराफेरी की शिकायत
समिति प्रबंधक पर गबन और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप

पात्र किसानों के नाम सर्वे सूची से गायब
एफआईआर दर्ज कर तकनीकी जांच की मांग
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल। आठनेर तहसील अंतर्गत ग्राम धनोरा निवासी फरियादी ललिता मायवाड़ ने फसल बीमा योजना में बड़े स्तर पर अनियमितता और गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कलेक्टर एसपी से शिकायत की है। शिकायत में बताया गया कि उनके ससुर रामरतन पिता गोपी के खसरा नंबर 419/2 एवं 428/11 में ही बीमा दर्ज किया गया, जबकि अन्य खसरों का प्रीमियम भी समिति प्रबंधक द्वारा काट लिया गया, लेकिन वह राशि बीमा कंपनी में जमा नहीं की गई।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि किसानों से उनके पूरे कृषि रकबे के अनुसार प्रीमियम वसूला गया, लेकिन बीमा कंपनी में जानबूझकर कम रकबा दर्ज किया गया, जिससे कम प्रीमियम जमा हुआ और शेष राशि का गबन कर लिया गया। इस अनियमितता से ललिता मायवाड़ के परिवार सहित उनकी सास शांति मायवाड़ और कई अन्य किसान प्रभावित हुए हैं।
आरोप यह भी है कि तकनीकी सर्वेक्षण के दौरान कई पात्र किसानों के नाम सूची से हटा दिए गए तथा कई किसानों का वास्तविक रकबा कम दर्ज किया गया। इसके चलते फसल नुकसान होने के बावजूद किसानों को उनके वास्तविक रकबे के अनुसार बीमा मुआवजा नहीं मिल सका और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
शिकायत में इसे अमानत में खयानत, धोखाधड़ी और संगठित भ्रष्टाचार का मामला बताते हुए संबंधित समिति, बीमा कंपनी और सर्वेयर की संभावित मिलीभगत की आशंका जताई गई है। ललिता ने वर्ष 2024 से 2026 तक अपने, अपने ससुर रामरतन और सास शांति मायवाड़ के केसीसी लोन और बैंक खातों की विशेष ऑडिट जांच कराने की भी मांग की है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज कर फसल बीमा प्रीमियम कटौती, रकबा रिकॉर्ड और सर्वे सूची की तकनीकी जांच कराई जाए। साथ ही सभी प्रभावित किसानों के वास्तविक रकबे और जमा प्रीमियम का मिलान कर सत्यापन कराया जाए, अन्य खाताधारकों की भी जांच कर संभावित घोटाले का खुलासा किया जाए और अवैध रूप से वसूली गई राशि वापस कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।



