
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
खैरथल-तिजारा। भगवान सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सोमवार को जिले के श्री शीतलदास जी महाराज आश्रम रैणागिरी मुंडावर में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पूरी आस्था और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान सोमनाथ मंदिर में आयोजित माननीय प्रधानमंत्री के मुख्य कार्यक्रम का प्रसारण और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला मुख्यालय पर प्रसारित किया गया।
प्रधानमंत्री ने सोमनाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना
सोमनाथ मंदिर पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुजरात के सोमनाथ मंदिर पहुंचे। प्रधानमंत्री का मंदिर मार्ग पर शंख और डमरू वादन के साथ भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान उन्होंने सोमनाथ मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की एवं देश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र सोमनाथ मंदिर
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में यह आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। साथ ही, हर जिले में इस कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आजादी के समय लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया था। उनका मानना था कि यह मंदिर भारत के आत्मसम्मान का प्रतीक है। वर्ष 1951 में भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद द्वारा इस मंदिर की समारोहपूर्वक प्राण प्रतिष्ठा करवाई गई।
आध्यात्मिक उत्थान एवं धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अनेक निर्णय
उन्होंने कहा कि पिछले सवा दो साल में राज्य सरकार ने प्रदेश में आध्यात्मिक उत्थान एवं धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अनेक निर्णय लिए हैं। पुष्कर, खाटूश्यामजी, नाथद्वारा, केशोरायपाटन, डीग और चित्तौड़गढ़ जैसे धार्मिक एवं हेरिटेज शहरों में हेरिटेज वॉक-वे निर्माण, किराडू के मंदिर समूह का संरक्षण एवं जीर्णोद्धार के कार्य, पुष्कर, खाटूश्याम जी, देशनोक, डिग्गी में मुख्य प्रवेश मार्ग को माॅडल के रूप में विकास सहित धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। साथ ही वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के तहत हजारों वरिष्ठजनों को हवाई एवं एसी ट्रेन के माध्यम से तीर्थ यात्रा का लाभ दिया जा रहा है।
हमारी संस्कृति का स्वभाव – झुकते नहीं, टूटते नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि सोमनाथ मंदिर का भव्य निर्माण हमें याद दिलाता है कि सृजन की शक्ति विनाश से कहीं अधिक प्रबल होती है। हमारी संस्कृति का स्वभाव है कि हम झुकते नहीं, टूटते नहीं, बल्कि हर चुनौती के बाद और अधिक मजबूती से खड़े होते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता, ईमानदारी, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, महिला सम्मान और राष्ट्रसेवा हमारी समृद्ध विरासत का हिस्सा हैं।


