गाजियाबाद
गाजियाबाद में पत्रकारों से दुर्व्यवहार का आरोप, अपूर्वा चौधरी ने शुरू किया आंदोलन
पुलिस कमिश्नर को आज सौंपा जाएगा ज्ञापन, 3 दिन के अनशन का ऐलान

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
गाजियाबाद : उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में पत्रकारों के साथ कथित अभद्रता और मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। ‘एक्टिव जर्नलिस्ट एसोसिएशन ट्रस्ट’ की राष्ट्रीय अध्यक्ष अपूर्वा चौधरी ने इस प्रकरण को लेकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 3 दिवसीय भूख हड़ताल की घोषणा की है। बुधवार को संगठन का प्रतिनिधिमंडल पुलिस आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेगा।
जानकारी के मुताबिक, विवाद की शुरुआत महिला पत्रकार सुमन मिश्रा द्वारा की गई एक शिकायत से हुई, जिसे थाना विजयनगर में दर्ज कराया गया था। मामले की जांच सिद्धार्थ विहार चौकी को सौंपी गई थी। आरोप है कि चौकी पर पहुंचे पत्रकारों के साथ विपक्षी पक्ष ने पुलिस की मौजूदगी में अभद्र व्यवहार और हाथापाई की।
पीड़ित पत्रकारों का आरोप है कि स्थिति संभालने के बजाय कुछ पुलिसकर्मी भी उनके साथ बदसलूकी करने लगे। शिकायत में कहा गया है कि ‘भारत का बदलता शासन’ के संपादक ललित चौधरी को सब-इंस्पेक्टर आयुष कुमार ने जबरन पुलिस वाहन में बैठाया और उनके साथ मारपीट की गई। साथ ही अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए हवालात में बंद करने की धमकी भी दी गई।
बताया जा रहा है कि जब अन्य पत्रकार साथी थाना विजयनगर पहुंचे और शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, तो थाना प्रभारी ने उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें बाहर जाने को कह दिया। इससे नाराज पत्रकारों ने थाने के बाहर धरना शुरू कर दिया।
मामले की सूचना पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों—पुलिस आयुक्त, डीसीपी और एसीपी को दिए जाने के बाद करीब एक घंटे पश्चात थाना प्रभारी ने पीड़ित पक्ष से बातचीत की।
इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए अपूर्वा चौधरी ने कहा कि पत्रकार समाज का आईना होते हैं और उनके साथ इस तरह का व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि पुलिसकर्मी दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ तत्काल निलंबन और कानूनी कार्रवाई की जाए।
अपूर्वा चौधरी ने घोषणा की है कि वह 21 मई से पुलिस आयुक्त कार्यालय के बाहर तीन दिनों तक अन्न-जल त्यागकर अनशन करेंगी। उन्होंने कहा कि यदि न्याय नहीं मिला तो वह कठोर कदम उठाने को मजबूर होंगी, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
घटना के बाद गाजियाबाद और दिल्ली-एनसीआर के कई पत्रकार संगठनों में नाराजगी देखी जा रही है। विभिन्न संगठनों ने मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की
दिए जाने के बाद करीब एक घंटे पश्चात थाना प्रभारी ने पीड़ित पक्ष से बातचीत की।
इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए अपूर्वा चौधरी ने कहा कि पत्रकार समाज का आईना होते हैं और उनके साथ इस तरह का व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि पुलिसकर्मी दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ तत्काल निलंबन और कानूनी कार्रवाई की जाए।
अपूर्वा चौधरी ने घोषणा की है कि वह 21 मई से पुलिस आयुक्त कार्यालय के बाहर तीन दिनों तक अन्न-जल त्यागकर अनशन करेंगी। उन्होंने कहा कि यदि न्याय नहीं मिला तो वह कठोर कदम उठाने को मजबूर होंगी, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
घटना के बाद गाजियाबाद और दिल्ली-एनसीआर के कई पत्रकार संगठनों में नाराजगी देखी जा रही है। विभिन्न संगठनों ने मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की



