गाजियाबाद
दिल्ली-एनसीआर में गर्मी का डबल अटैक
ऊपर से 45°C की लू, नीचे पानी में तैरता हाईवे जनता बोली, यही है विकास की डबल इंजन स्पीड!

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी/गाजियाबाद। देशभर में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप चरम पर है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में तापमान 45°C से 48°C तक पहुंच चुका है। मौसम विभाग (IMD) ने कई इलाकों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किए हैं। ऐसे में दिल्ली-एनसीआर के लोगों को सिर्फ आसमान से बरसती आग ही नहीं, बल्कि बदहाल सड़कों और जलभराव की मार भी झेलनी पड़ रही है। दिल्ली-सहारनपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर लोनी क्षेत्र के पाभी सादकपुर के पास हालात बेहद खराब हैं। एक ओर भीषण गर्मी से लोग बेहाल हैं, वहीं दूसरी ओर सड़क पर भरे पानी ने हाईवे को “तालाब” में बदल दिया है। स्थानीय लोग तंज कसते हुए इसे “स्विमिंग पूल एक्सप्रेस-वे” कह रहे हैं। हालत ऐसे हैं कि सड़क पर चलने वाला हर वाहन अपनी किस्मत के भरोसे चल रहा है। कहीं ई-रिक्शा पानी में फंस रहे हैं तो कहीं बाइक सवार फिसलकर घायल हो रहे हैं। सड़क पर बने गड्ढे और जलभराव दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं। कई वाहन चालक घंटों जाम में फंसे रहने को मजबूर हैं, जिससे गर्मी में परेशानी और बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि एनएचआई ने सड़क निर्माण तो करा दिया, लेकिन पानी निकासी की व्यवस्था पूरी तरह नजरअंदाज कर दी गई। नालों की सफाई समय पर न होने के कारण हल्की बारिश और पानी भराव ने हाईवे को झील में तब्दील कर दिया है।
गर्मी और उमस के बीच जाम की स्थिति इतनी खराब है कि लोग ऑफिस पहुंचने के बजाय “धैर्य परीक्षा” देने जैसा महसूस कर रहे हैं। कई कर्मचारी समय पर ड्यूटी नहीं पहुंच पा रहे, जबकि वाहन चालकों का ईंधन जाम में ही खत्म हो रहा है।
लोगों का कहना है कि प्रशासन और संबंधित विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालने में लगे हैं, लेकिन आम जनता रोजाना परेशान हो रही है। सवाल उठ रहा है कि आखिर यह कैसा स्मार्ट हाईवे है, जहां लोग लू से बचें या सड़क पर भरे पानी से?
फिलहाल हालात देखकर स्थानीय लोग कटाक्ष कर रहे हैं कि अगर व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में हाईवे पर नाव चलाने के लिए भी परमिट जारी करना पड़ सकता है।



