बालाघाट

जिले भर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया ईदुल अजहा का पर्व

ईदगाह में अदा की गई विशेष नमाज, लोगों ने एक दूसरे को लगाया गले, ईद की दी बधाई

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बालाघाट(म0प्र0) : अल्लाह  के नबी हजरत इब्राहिम और हजरत इस्माईल की याद में मनाया जाने वाला पर्व “ईदुल अजहा” गुरुवार को जिला मुख्यालय सहित अन्य ग्रामीण अंचलों में मुस्लिम धर्मावलंबियों द्वारा हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान मुस्लिम बंधुओं ने पुलिस लाईन स्थित ईदगाह, और वार्ड नं 10 रजा नगर स्थित मस्जिदे आला हजरत (जामेआ नूरिया) मदरसे में ईद की विशेष नमाज अदा की, ईदगाह में यह विशेष नमाज मौलाना मोहम्मद समसिर हक साहब तो वही जामेआ नूरिया मदरसे में मौलाना आफताब साहब ने ईद की नमाज अदा कराई।जिसके उपरांत लोगो ने एक दूसरे को गले लगाकर, ईद की बधाइयां दी।
*मुल्क की तरक्की के लिए मांगी गई सामूहिक दुवाए*
खुशियों के इस पर्व ईदुल अजहा के खास मौके पर मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में सुबह से लेकर देर रात तक रौनके बनी रही।जहा लोग एक दूसरे से मिलकर ईद की मुबारकबाद पेश करते नजर आए।हजरत इब्राहिम और हजरत इस्माइल अलैह सलाम की याद में मनाया जाने वाले ईदुल अजहा के इस खास पर्व पर घर- घर बकरों की कुर्बानी दी गई। जिसके गोश्त को गरीबो, यतीमो, बेसहरा ,रिश्तेदारो औऱ सामाजिक बन्धुओ के बीच बांट कर उन्हें भी अपनी इस खुशियों में शामिल किया गया।पर्व विशेष की शुरुवात गुरुवार सुबह फज्र की नमाज़ के साथ की गई ,जहां मुस्लिम बंधुओं ने फर्ज की नमाज अदा कर पर्व विशेष की तैयारी शुरू कर दी।सुबह ईदगाह में तय किए गए वक्त के अनुसार लोग एकत्र हुए ।जहां इमाम द्वारा दिए गए उद्बोधन के बाद नमाज का तरीका बताया गया।जिसके तुरंत बाद सामूहिक रूप से सुबह 7 बजे ईदुल अजहा की नमाज अदा की गई।जिसके उपरांत खुतबा और दुआओं का दौर शुरू हुआ। जहां भारी मात्रा में उपस्थित मुस्लिम बंधुओं ने देश में अमन, चैन ,शांति ,आपसी भाईचारे और मुल्क की तरक्की के लिए सामूहिक रूप से दुआएं मांगी। वही एक दूसरे को गले लगाकर ईद की बधाइयां पेश की।
*मस्जिदे आला हजरत में भी अदा की गई विशेष नमाज*
नगर में यू तो ईदुल अजहा की विशेष नमाज का सामूहिक आयोजन पुलिस लाईन स्थित ईदगाह में किया गया था, लेकिन खास तौर पर बुजुर्गो के लिए यह नमाज नगर के वार्ड नं 10,रजा नगर स्थित मस्जिदे आला हजरत में भी अदा की गई, जहा पूर्व से निर्धारित समय के अनुसार यह नमाज सुबह 8 बजे मौलाना आफताब सहाब द्वारा अदा कराई गई।जहा नमाज मुकम्मल कर सभी ने सामुहिक रूप से दुआएं की, वहीं मुल्क में सौहार्द्र और आपसी भाईचारा कायम रखने के साथ साथ अमनो अमान का संदेश दिया गया।
*गरीब बेसहारों की मदद ही असली ईद हैं*
पुलिस लाईन स्थित ईदगाह और मदरसे में अदा की गई ईदुल अजहा की इस विशेष नमाज के पूर्व इमाम ने,अपने ब्यान में गरीब बेसहारों की मदद करने को, ईद के असली मायने बताए। जिन्होंने अपने बयान में सभी लोगों को मिलजुल कर रहने, नियम कानूनों का पालन करने, गरीब बेसहारों की मदद करने की बात कही।उन्होंने कहा कि आज वह दिन है जिस दिन का इंतजार कई गरीब बेसहारा यतीम लोग करते हैं। उन्हें उम्मीद होती है कि कोई उन्हें भी अपनी इस ईद की खुशी में शामिल करें, इसीलिए चाहिए कि सबसे पहले ईद की खुशियों में गरीब यतीम बेसहारों को याद किया जाए, उनकी मदद की जाए, उनकी जरूरतों को पूरा किया जाए यही ईद के सच्चे मायने हैं।दिखावे के लिए कोई काम करना शिर्क में शामिल होगा। वही इमाम ने ईदुल अजहा का वाकया बयान कर नमाज अदा कराई।और सामूहिक दुवाए कर लोगो ने एक दूसरे को गले लगाकर ईद पर्व की बधाइयां दी।
*मुस्लिम बन्धुओ ने पेश की कुर्बानी*
धार्मिक मान्यतानुसार के अनुसार ईदुल अजहा का पर्व अल्लाह के नबी हजरत इब्राहिम और हजरत इस्माईल की याद में मनाया जाता है। जिसे याद करने के लिए प्रतिवर्ष मुस्लिम धर्मावलंबी ईदुल अजहा पर्व पर अपनी हैसियत के हिसाब से अल्लाह की राह में, अल्लाह की रजा के लिए जानवरों की कुर्बानी पेश करते है।ईद की नमाज के बाद मुस्लिम बन्धुओ द्वारा कुर्बानी पेश कर उसका गोश्त गरीबो बेसहारा यतीमो और रिश्तेदारों में बंटवाकर उन्हें भी इस खुशियों में शामिल किया गया।साथ ही जरूरतमंदों की आर्थिक मदद की।बताया गया कि कुर्बानी का सिलसिला शनिवार तक यू ही जारी रहेगा।
*सुरक्षा के दिखे पुख्ता इंतजाम*
ईदुल अजहा के इस खास मौके पर पढ़ी जाने वाली विशेष नमाज और पर्व विशेष को लेकर जगह-जगह सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम देखने को मिले। जहां ईदगाह सहित नगर की तमाम मस्जिदों के बाहर पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैद नजर आए, तो वही सुबह से लेकर देर शाम तक मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में पुलिस जवान सुरक्षा में लगे रहे। वही शांतिपूर्ण तरीके से हर साल की तरह इस साल भी ईदुल अजहा का यह पर्व संपन्न हुआ।
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