जालौन
किसानों के हित सर्वोच्च प्राथमिकता, यूरिया-डीएपी की पर्याप्त उपलब्धता : गगनदीप सिंह

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
उरई (जालौन)। जनपद में नवागत जिला कृषि अधिकारी ने पदभार ग्रहण करने के बाद किसानों के हितों को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि कृषि विभाग किसानों को समय पर उर्वरक, गुणवत्तापूर्ण बीज और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान माह के साथ-साथ आगामी माह के लिए भी यूरिया और डीएपी उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गई है तथा किसानों की आवश्यकता के अनुसार उर्वरकों का वितरण लगातार कराया जा रहा है।
जिला कृषि अधिकारी, जो वर्ष 2016 बैच के अधिकारी हैं और इससे पूर्व आजमगढ़ जनपद में अपनी सेवाएं दे चुके हैं, ने कहा कि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए विभागीय स्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन को देखते हुए उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाया गया है, ताकि किसानों को समय पर आवश्यक संसाधन मिल सकें और फसल उत्पादन प्रभावित न हो।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार और कृषि विभाग की प्राथमिकता किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ कृषि को अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाना है। इसी दिशा में किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ फसल विविधीकरण अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे धान जैसी अधिक पानी की आवश्यकता वाली फसलों के क्षेत्रफल को कम करते हुए दलहन एवं तिलहन फसलों की खेती को बढ़ावा दें। इससे जहां एक ओर भूजल संरक्षण में मदद मिलेगी, वहीं दूसरी ओर किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ भी प्राप्त होगा।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा दलहन और तिलहन उत्पादन बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उड़द, तिल, सोयाबीन सहित अन्य दलहनी एवं तिलहनी फसलों के उत्पादन में वृद्धि से देश की खाद्य एवं पोषण सुरक्षा मजबूत होगी और खाद्य तेलों के आयात पर निर्भरता भी कम होगी।
उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि कृषि विभाग द्वारा किसानों को उड़द, तिल, सोयाबीन तथा अन्य फसलों के प्रमाणित बीज अनुदान (सब्सिडी) दरों पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। किसान अपने निकटवर्ती राजकीय बीज भंडारों एवं कृषि विभाग के कार्यालयों से इन बीजों को प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे केवल प्रमाणित बीजों का ही उपयोग करें, जिससे फसलों की उत्पादकता और गुणवत्ता में वृद्धि हो सके।
नवागत जिला कृषि अधिकारी ने कहा कि विभाग किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, संतुलित उर्वरक उपयोग, जल संरक्षण तथा कीट एवं रोग प्रबंधन संबंधी जानकारी भी उपलब्ध करा रहा है। कृषि वैज्ञानिकों और विभागीय कर्मचारियों के माध्यम से किसानों को जागरूक करने का कार्य लगातार किया जाएगा ताकि वे वैज्ञानिक पद्धति से खेती कर अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकें।
उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना, कृषि योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पहुंचाना तथा बीज एवं उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। कृषि विभाग किसानों के साथ निरंतर संवाद स्थापित कर उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप कार्य करेगा, जिससे कृषि क्षेत्र का समग्र विकास हो सके और किसानों की आय में अपेक्षित वृद्धि सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसान हितों से जुड़े प्रत्येक विषय पर विभाग पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करेगा और जनपद में कृषि विकास को नई गति देने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।

