गौरतलब है कि 8 जून की रात पत्रकार कुलदीप भारद्वाज के साथ कथित रूप से अपहरण और मारपीट की घटना हुई थी। पीड़ित पत्रकार का आरोप है कि क्षेत्र में अवैध खनन से जुड़ी खबरें प्रकाशित करने के कारण उन्हें निशाना बनाया गया। इस संबंध में थाना हस्तिनापुर में कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया, जिसमें पुलिस अब तक एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि अन्य आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं।
पत्रकार कुलदीप भारद्वाज का कहना है कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और स्वतंत्र पत्रकारिता पर हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुकदमा दर्ज होने के बाद भी उन पर समझौते का दबाव बनाया जा रहा है।
मामले में सोमवार को आरोपियों के समर्थन में कुछ लोग थाना हस्तिनापुर पहुंचे और ज्ञापन सौंपा। हालांकि पत्रकार संगठनों का कहना है कि किसी भी मामले में कानून से ऊपर कोई नहीं है और जांच को प्रभावित करने के बजाय पुलिस को निष्पक्ष कार्रवाई करने दी जानी चाहिए।
पत्रकार संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई और पीड़ित पत्रकार को न्याय नहीं मिला तो व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। उनका कहना है कि पत्रकार समाज की आवाज उठाने का कार्य करते हैं और यदि पत्रकार ही सुरक्षित नहीं रहेंगे तो लोकतंत्र की जड़ें कमजोर होंगी।
पुलिस अधिकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है और कहा है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पूरे मामले पर जिलेभर के पत्रकारों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की नजर बनी हुई है। सभी को उम्मीद है कि जांच निष्पक्ष होगी और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


