जालौन
पुस्तकें ही बच्चों को ज्ञान, संस्कार और एकाग्रता का सर्वोत्तम माध्यमःडीएम
पुस्तक दान की अनूठी पहल, एआरटीओ ने पिता के जन्मदिन पर पुस्तकालय को भेंट की अलमारी व पुस्तकें

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
उरई (जालौन)। शहर स्थित टाउनहॉल पुस्तकालय में एक प्रेरणादायक पहल के तहत एआरटीओ राजेश कुमार ने अपने पिता अमरचन्द्र पूर्व हिन्दी विभागाध्यक्ष, ब्रह्मानन्द संस्कृत महाविद्यालय राठ, जनपद हमीरपुर के जन्मदिन के अवसर पर पुस्तकालय को पुस्तक अलमारी व विभिन्न विषयों की उपयोगी पुस्तकों का सप्रेम दान किया। दान की गई पुस्तकों में सामान्य विज्ञान, भूगोल, सामान्य अध्ययन, सामान्य ज्ञान, यूजीसी नेट, जेआरएफ से संबंधित विषयों की किताबें तथा सॉल्व्ड पेपर शामिल हैं, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए लाभकारी होंगी।
इस अवसर पर जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय को भी आमंत्रित कर इस सामाजिक पहल से अवगत कराया गया। जिलाधिकारी ने इस सराहनीय कार्य की प्रशंसा करते हुए अमरचन्द्र के उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बच्चे मोबाइल, यूट्यूब व अन्य इंटरनेट माध्यमों में अधिक समय व्यतीत कर रहे हैं, ऐसे में पुस्तकों से जुड़ाव अत्यंत आवश्यक है। पुस्तकें न केवल ज्ञान का भंडार हैं, बल्कि बच्चों के मानसिक विकास, एकाग्रता और संस्कार निर्माण का सशक्त माध्यम भी हैं। उन्होंने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि समाज में पुस्तक दान जैसी सकारात्मक पहल को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गाय दान, दीप दान, वृक्ष दान और पुस्तक दान सभी समाज के उत्थान के लिए पुण्यकारी हैं, लेकिन पुस्तक दान ज्ञान का प्रसार कर भविष्य को दिशा देने वाला श्रेष्ठतम दान है। टाउनहॉल पुस्तकालय के प्रभारीध्केयरटेकर ने बताया कि यहां मेडिकल, इंजीनियरिंग सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें उपलब्ध हैं। पुस्तकालय में ऑनलाइन अध्ययन के लिए इंटरनेट सुविधा के साथ-साथ छात्र-छात्राओं के लिए स्वच्छ पेयजल और एसी की भी व्यवस्था है। यह पहल न केवल पुस्तकालय को सशक्त बनाएगी, बल्कि नई पीढ़ी को पढ़ाई के प्रति प्रेरित कर सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का मार्ग भी प्रशस्त करेगी।



