जालौन

जर्जर हो रहा कालपी का पुराना यमुना पुल, टूटी रेलिंग से हादसे का खतरा

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
कालपी (जालौन)। पुराने यमुना पुल के रखरखाव को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की लापरवाही सामने आ रही है। मरम्मत के अभाव में पुल की रेलिंग जगह-जगह से टूटकर गिर रही है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2003 के आसपास राष्ट्रीय राजमार्ग-25 को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने अपने अधीन लिया था। इससे पूर्व इसके निर्माण व रखरखाव की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग के पास थी। 70 के दशक में यमुना नदी पर इस पुल की आधारशिला तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा रखी गई थी, जबकि वर्ष 1980 में इसका उद्घाटन प्रदेश सरकार के तत्कालीन ऊर्जा मंत्री राजा रणजीत सिंह जूदेव ने किया था।
यह पुल लंबे समय तक उत्तर और दक्षिण को जोड़ने का प्रमुख माध्यम रहा है। वर्तमान में राष्ट्रीय राजमार्ग-27 के अंतर्गत आने वाले इस मार्ग को फोरलेन किए जाने के बाद पुल पर भारी यातायात बंद कर दिया गया है, लेकिन इसके रखरखाव की जिम्मेदारी अब भी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के पास है। स्थानीय लोगों के अनुसार प्राधिकरण ने पुल और राजमार्ग के रखरखाव का जिम्मा एनएचआईटी नामक कंपनी को सौंपा है, लेकिन कंपनी द्वारा पुल की हालत पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। स्थिति यह है कि रेलिंग लगातार टूट रही है और उसकी मरम्मत तक नहीं कराई जा रही। पुल से भारी वाहन गुजरने पर पूरी संरचना हिलती है और तेज आवाज होती है, जिससे पैदल गुजरने वाले लोग भयभीत रहते हैं। नगर निवासी दिव्यगोपाल श्रीवास्तव, आशीष यादव, शिवम पाठक और विवेक तिवारी सहित अन्य लोगों का कहना है कि यह पुल क्षेत्र का पहला प्रमुख मार्ग था। पहले आवागमन रेलवे पुल से वनवे व्यवस्था में होता था, ऐसे में इस पुल का ऐतिहासिक और व्यावहारिक महत्व है। इसकी बदहाल स्थिति से लोग चिंतित हैं और जल्द मरम्मत की मांग कर रहे हैं। वहीं, एनएचआईटी के क्षेत्रीय प्रबंधक इंग्लिश शर्मा का कहना है कि पुल की मरम्मत के लिए योजना तैयार कर ली गई है और जल्द ही कार्य शुरू कराया जाएगा।
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