
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
मोदीनगर। बैनामों की ई-पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में बैनामा लेखकों का आंदोलन सातवें दिन भी जारी रहा। बुधवार को तहसील परिसर में बैनामा लेखकों ने राजस्व मंत्री का पुतला दहन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। आंदोलन के चलते रजिस्ट्री कार्यालय में कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहा।
दस्तावेज लेखक संघ उत्तर प्रदेश के बैनर तले बैनामा लेखक पिछले सात दिनों से मोदीनगर तहसील स्थित रजिस्ट्री कार्यालय पर धरना दे रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने रजिस्ट्री कार्यालय का ताला नहीं खुलने दिया, जिससे रजिस्ट्री संबंधी कार्य ठप पड़े हैं।
बैनामा लेखकों और अधिवक्ताओं का कहना है कि ई-पंजीकरण प्रणाली लागू होने से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगने के बजाय फर्जी बैनामों की आशंका बढ़ेगी। उनका आरोप है कि सरकार इस व्यवस्था को लागू करने से पहले बैनामा लेखकों के हितों और उनकी आजीविका पर पड़ने वाले प्रभाव पर विचार नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि नई प्रणाली से आम लोगों को भी कई प्रकार की दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
इससे पूर्व सोमवार को भी बड़ी संख्या में बैनामा लेखक नारेबाजी करते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपकर ई-पंजीकरण प्रणाली को वापस लेने की मांग की थी।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं एसडीएम ने उनकी मांगों को शासन स्तर तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है।




