स्वदेशी कृषि से ही स्वावलंबी भारत का सपना होगा साकार : ए.के. सिन्हा
सिजुआ में स्वदेशी जागरण मंच की पहल, किसानों को आधुनिक एवं रसायन मुक्त खेती के लिए किया जागरूक

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बोकारो । कोई भी राष्ट्र तब तक विकास नहीं कर सकता, जब तक उसके नागरिक जागरूक और आत्मनिर्भर न हों। इसी उद्देश्य के तहत स्वावलंबी भारत अभियान के अंतर्गत स्वदेशी राष्ट्रीय मेला प्रमुख सचिंद्र बरियार के मार्गदर्शन में स्वदेशी जागरण मंच, बोकारो एवं स्वदेशी कृषि प्रकोष्ठ की ओर से मंगलवार को सिजुआ गांव में किसानों को खेती के प्रति आकर्षित करने और स्वदेशी कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता अभियान चलाया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता स्वदेशी कृषि प्रकोष्ठ के प्रमुख ए.के. सिन्हा ने कहा कि स्वदेशी और स्वावलंबन को बढ़ावा देने के लिए किसानों को आधुनिक स्वदेशी कृषि पद्धतियों से परिचित कराना जरूरी है। उन्होंने कहा कि केवल उद्योगों के विकास से स्वावलंबन का सपना साकार नहीं हो सकता, बल्कि कृषि को भी आत्मनिर्भरता की मजबूत आधारशिला बनाना होगा। उन्होंने गोबर एवं गौमूत्र आधारित अमृत कृषि पद्धति अपनाकर उन्नत एवं रसायन मुक्त खेती करने पर जोर दिया।
इस अवसर पर सेल से सेवानिवृत्त ईडी राजीव कुमार ने कादा पानी से भरे खेत में धान रोपण कर किसानों का उत्साह बढ़ाया। उनके साथ कृषि प्रकोष्ठ प्रमुख ए.के. सिन्हा, स्वदेशी कृषि प्रमुख मनीष श्रीवास्तव, पर्यावरण संरक्षण गतिविधि (पेड़ उपक्रम) प्रमुख राजेंद्र तिवारी, कृषक राजेश सिंह एवं उनके बड़े भाई मनोज सिंह ने भी धान रोपण किया।
मौके पर ECL के CSR से जुड़े आकर्ष पांडेय एवं वेद प्रकाश सिंह (WADI) भी उपस्थित रहे। राजेंद्र तिवारी ने अमृत कृषि पद्धति को रसायन मुक्त खेती के लिए सर्वोत्तम बताते हुए कहा कि रसायन मुक्त फसलें लोगों को स्वस्थ एवं मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
कृषक राजेश सिंह ने स्वदेशी जागरण मंच एवं स्वदेशी कृषि प्रकोष्ठ की पूरी टीम के प्रति आभार जताते हुए कहा कि इस प्रकार के अभियान से किसानों को पारंपरिक और प्राकृतिक खेती की आधुनिक संभावनाओं की जानकारी मिलती है। उन्होंने अधिक से अधिक किसानों को स्वदेशी एवं रसायन मुक्त कृषि से जोड़ने की आवश्यकता बताई.



