सिंगरौली
ग्राम पंचायत पिपरा झांपी में दलाली और भ्रष्टाचार का बोलबाला

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली जिले की जनपद पंचायत वैढन के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत पिपरा झांपी में भ्रष्टाचार और दलाली चरम पर है। ग्राम पंचायत का वास्तविक कार्यभार सरपंच श्रीमती रंगीता खैरवार के बजाय मनीष तिवारी और रणजीत सिंह वैश्य उर्फ धर्मु के हाथों में है। लोगों का कहना है कि सरपंच नाम मात्र के हैं और पंचायत के सभी निर्णय और कार्य यहीं से संचालित होते हैं।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, ग्राम पंचायत में आम जनता की समस्याओं का कोई समाधान नहीं होता। सचिव श्री सजनू सोनवानी का दर्शन भी दुर्लभ है और बिना चढ़ोतरी के कोई काम नहीं होता। निर्माण कार्यों में सामग्री की गुणवत्ता compromised होती है और ठेकेदारी रणजीत सिंह उर्फ धर्मु के नाम से ही दी जाती है। कई भुगतान ऐसे होते हैं जिनका कोई वास्तविक कार्य नहीं हुआ होता, जबकि पहले से किए गए कार्यों के लिए दोबारा भुगतान कर दिया जाता है।
ग्राम पंचायत क्षेत्र का कोई भी व्यक्ति अगर विरोध करता है तो सरपंच के द्वारा स्पष्ट रूप से कहा जाता है अगर कोई भी विरोध करेगा तो उसे एससी एसटी एक्ट में साड़ी फाड़ कर फसा दिया जाएगा।
इसकी अतिरिक्त ग्राम पंचायत के जो दलाल मनीष तिवारी और रंजीत सिंह उर्फ धर्मु हैं
वह स्पष्ट रूप से कहते हैं कि गांव में कोई भी माई का लाल अगर विरोध करेगा और हमारे बीच में आएगा तो एससी एसटी एक्ट का फर्जी मुकदमा दर्ज करवा करके उसे जेल भिजवा दूंगा क्योंकि सरपंच और सचिव दोनों एससी एसटी है और दोनों हमारे अंडर में है इसी तरीके से तानाशाही चल रही है और यह इस बात की भी धमकी देते हैं कि हमारे घर में वकीलों की पूरी फौज है हम किसी को भी देख लेंगे।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जो भी यहां पर कार्य हो रहे हैं वह कार्य पूरी तरीके से गुणवत्ता विहीन और भ्रष्टाचार से प्रेरित हो रहे हैं इस विषय में लगातार हम आपको बताएंगे और दिखाएंगे कैसे यहां पर भ्रष्टाचार पूर्ण कार्य किया जा रहे हैं।



