गाजियाबाद
“नो हेलमेट नो फ्यूल” अभियान कागज़ों में सख्त, जमीनी स्तर पर ढीला
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लोनी : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा दोपहिया चालकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए “पहले हेलमेट, फिर ईंधन” की अपील किए जाने के बावजूद, यह अभियान लोनी और आसपास के क्षेत्रों में प्रभावी होता नहीं दिख रहा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया था कि इस पहल का मकसद दंड देना नहीं, बल्कि लोगों को नियमों के प्रति जागरूक करना है। इसके तहत पेट्रोल तभी दिया जाना था, जब चालक हेलमेट पहने हो।
शुरुआती दिनों में अभियान को लेकर हलचल जरूर दिखाई दी थी। कुछ पेट्रोल पंपों ने बिना हेलमेट आने वाले ग्राहकों को थोड़े समय के लिए हेलमेट उपलब्ध कराकर नियम का पालन दिखाने की कोशिश भी की, ताकि विवाद न हो और कैमरों के सामने नियमों का पालन होता दिखे।
लेकिन समय के साथ इस अभियान की सख्ती ढीली पड़ती चली गई। अब हालात यह हैं कि क्षेत्र के लगभग किसी भी पेट्रोल पंप पर “नो हेलमेट, नो फ्यूल” के निर्देशों का पालन होता नहीं दिखाई देता। न तो पंप कर्मचारी चालकों को हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित कर रहे हैं और न ही बिना हेलमेट वाले ग्राहकों को पेट्रोल देने से इनकार कर रहे हैं।
दुपहिया चालक बिना किसी रोक-टोक के पेट्रोल भरवा रहे हैं, जिससे साफ है कि अभियान अब केवल कागज़ों तक सिमटकर रह गया है।
सरकार का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना था, लेकिन पेट्रोल पंप संचालकों की लापरवाही के कारण यह अहम पहल अभी तक प्रभावी साबित नहीं हो पाई है।



