असम

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के ‘पाकिस्तानी एजेंट’ वाले आरोपों पर लोकसभा अध्यक्ष का करारा जवाब

गौरव गोगोई को मिला भारत-फिलीपींस मैत्री समूह का सम्मानजनक पद। 

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो 

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई को ‘पाकिस्तानी एजेंट’ और ‘देश विरोधी’ बताने वाले बयान पर लोकसभा ने जोरदार जवाब दिया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गोगोई को भारत-फिलीपींस संसदीय मैत्री समूह का अध्यक्ष नियुक्त कर उनकी देशभक्ति और समर्पण को औपचारिक मान्यता प्रदान की है। लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी अधिसूचना के माध्यम से यह जिम्मेदारी सौंपी गई, जो सत्ताधारी और विपक्षी दलों के सांसदों से गठित इस समूह के महत्व को रेखांकित करती है।यह नियुक्ति उस समय हुई है जब हाल ही में मुख्यमंत्री सरमा ने गोगोई पर पाकिस्तानी एजेंट होने का गंभीर आरोप लगाते हुए उनके गले में ‘जय पाकिस्तान’ गाने वाले कथित एजेंट का कालंक लगाने की कोशिश की थी। सरमा ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक सभाओं में गोगोई को निशाना बनाते हुए कहा था कि वे देश के हितों के विरुद्ध कार्य कर रहे हैं। लेकिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस आरोप को सिरे से खारिज करते हुए गोगोई को फिलीपींस के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने वाले महत्वपूर्ण पद पर आसीन किया। यह कदम न केवल गोगोई की देश के प्रति निष्ठा का प्रमाण है, बल्कि संसद की निष्पक्षता को भी दर्शाता है। लोकसभा सचिवालय की अधिसूचना में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि गौरव गोगोई को भारत-फिलीपींस मैत्री समूह का अध्यक्ष बनाया गया है, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच संसदीय स्तर पर मैत्री और सहयोग को बढ़ावा देना है। यह समूह सत्ताधारी भाजपा और सहयोगी दलों के साथ-साथ कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों के सदस्यों से मिलकर बना है। गोगोई की नियुक्ति से साबित होता है कि संसद उनके योगदान और क्षमता को मान्यता देती है, न कि राजनीतिक आरोपों को। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला असम की राजनीति में मुख्यमंत्री के हमलों के जवाब में एक बड़ा राजनीतिक संदेश है। गौरव गोगोई असम के जोरहाट लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस के सांसद हैं और पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के पुत्र हैं। वे संसद में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं, खासकर विदेश नीति और क्षेत्रीय मुद्दों पर। फिलीपींस के साथ संबंध मजबूत करना भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ का हिस्सा है, जिसमें दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ व्यापार, सुरक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया जाता है। गोगोई इस भूमिका में दोनों देशों के सांसदों के बीच पुल का काम करेंगे, जिसमें द्विपक्षीय यात्राएं, चर्चाएं और समझौते शामिल हैं। मुख्यमंत्री सरमा के आरोपों का खंडन करते हुए कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने कहा, “देशभक्ति कोई एक दल की बपौती नहीं है। लोकसभा का यह सम्मान मेरे संकल्प को मजबूत करता है।” दूसरी ओर, भाजपा नेताओं ने इसे संसदीय प्रक्रिया का हिस्सा बताया, लेकिन विपक्ष इसे सरमा के बयानों पर करारा तमाचा मान रहा है। यह घटनाक्रम असम की राजनीति में उभरते तनाव को दर्शाता है, जहां व्यक्तिगत हमले संसदीय सम्मान से टकरा रहे हैं। लोकसभा अध्यक्ष का यह निर्णय न केवल गोगोई की छवि को मजबूत करता है, बल्कि संसद की गरिमा को भी बहाल करता है। भविष्य में भारत-फिलीपींस संबंधों में गोगोई की भूमिका महत्वपूर्ण होगी, जो दक्षिण चीन सागर जैसे मुद्दों पर भी सहयोग बढ़ा सकती है।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button