बागपत
मौसम बदलते ही बढ़ा बीमारियों का खतरा, सतर्कता ही सुरक्षा — डॉ. संजय जैन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बागपत। सन्मति हॉस्पिटल गांधी रोड बड़ौत के जाने-माने चिकित्सक डॉ. संजय जैन ने बदलते मौसम को लेकर आमजन को गंभीरता से सावधान रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मौसम का संक्रमण काल (सीजन चेंज) शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) पर सीधा असर डालता है, जिससे लोग जल्दी बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं।
डॉ. जैन ने बताया कि इस समय दिन में गर्मी और सुबह-शाम हल्की ठंड का मिश्रण शरीर के लिए असंतुलन पैदा करता है। यही कारण है कि इस मौसम में सबसे ज्यादा मरीज सर्दी-जुकाम, वायरल फीवर, खांसी, गले में खराश, एलर्जी, त्वचा रोग, पेट के संक्रमण और मच्छर जनित बीमारियों जैसे डेंगू और मलेरिया से पीड़ित होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।
किन लोगों को है ज्यादा खतरा?
डॉ. जैन के अनुसार कुछ वर्ग ऐसे हैं जिन्हें इस मौसम में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए—
छोटे बच्चे, जिनकी इम्युनिटी कमजोर होती है
बुजुर्ग, जिनका शरीर जल्दी मौसम के बदलाव को सहन नहीं कर पाता
गर्भवती महिलाएं
डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, अस्थमा और हृदय रोग से पीड़ित मरीज
उन्होंने कहा कि इन लोगों को विशेष रूप से खान-पान, दिनचर्या और स्वच्छता का ध्यान रखना चाहिए।
घरेलू उपाय: छोटे कदम, बड़ा बचाव
डॉ. जैन ने कई प्रभावी घरेलू उपाय बताते हुए कहा कि अगर इन्हें नियमित जीवन में अपनाया जाए तो बीमारियों से काफी हद तक बचा जा सकता है—
सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पीना शरीर को डिटॉक्स करता है
तुलसी, अदरक, काली मिर्च और शहद का सेवन इम्युनिटी बढ़ाता है
हल्दी वाला दूध रात में लेने से शरीर को अंदर से मजबूती मिलती है
बाहर का तला-भुना और बासी खाना खाने से बचें
ताजे फल और हरी सब्जियों का सेवन बढ़ाएं
पर्याप्त नींद लें, क्योंकि नींद की कमी भी बीमारी को न्योता देती है
सुबह-शाम हल्की एक्सरसाइज या योग को दिनचर्या में शामिल करें
डॉक्टर की सलाह के बिना दवा लेना खतरनाक
डॉ. जैन ने विशेष रूप से चेतावनी देते हुए कहा कि आजकल लोग छोटी-सी परेशानी में खुद ही मेडिकल स्टोर से दवा लेकर खा लेते हैं, जो भविष्य में गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है।
उन्होंने कहा, “हर बीमारी के लक्षण अलग होते हैं, इसलिए बिना जांच और डॉक्टर की सलाह के दवा लेना सही नहीं है। कई बार सामान्य बुखार भी बड़ी बीमारी का संकेत हो सकता है।”
डॉ. संजय जैन का विस्तृत वक्तव्य
“मौसम परिवर्तन का समय शरीर के लिए एक परीक्षा की तरह होता है। अगर हम इस दौरान अपनी दिनचर्या को संतुलित रखें, साफ-सफाई का ध्यान रखें और खान-पान सही रखें, तो अधिकांश बीमारियों से बचा जा सकता है। लोग यह समझें कि इलाज से बेहतर बचाव है। थोड़ी-सी सावधानी अपनाकर हम अस्पताल जाने से बच सकते हैं।”
संवाददाता सुरेंद्र मलानिया का वक्तव्य
संवाददाता सुरेंद्र मलानिया ने इस विषय पर कहा कि बदलते मौसम में जागरूकता की सबसे ज्यादा जरूरत होती है।
“अक्सर देखा जाता है कि लोग शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं और जब बीमारी गंभीर हो जाती है तब डॉक्टर के पास जाते हैं। यदि समय रहते सावधानी बरती जाए और डॉक्टर की सलाह ली जाए तो कई बड़ी बीमारियों से बचा जा सकता है। मीडिया और समाज की जिम्मेदारी है कि लोगों तक सही जानकारी पहुंचे।”
समाज के लिए संदेश
यह समय केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि सामूहिक सतर्कता का भी है। स्कूलों, दफ्तरों और सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता बनाए रखना, बीमार होने पर दूसरों से दूरी रखना और मास्क का उपयोग करना भी संक्रमण को फैलने से रोक सकता है।
मौसम का बदलाव प्रकृति का नियम है, लेकिन उससे होने वाली बीमारियां हमारी लापरवाही का परिणाम बन जाती हैं। अगर हम सही खान-पान, स्वच्छता, नियमित दिनचर्या और डॉक्टर की सलाह को अपनाएं, तो न केवल खुद को बल्कि अपने परिवार और समाज को भी सुरक्षित रख सकते हैं।
“सावधानी ही सुरक्षा है” — यही संदेश देते हैं डॉ. संजय जैन।



