नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
कैराना। फर्जी निकाहनामा तैयार कर विवाह पंजीकरण कराने के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने दंपति सहित अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर कराई गई जांच के बाद सामने आई, जिससे पूरे प्रकरण में हड़कंप मच गया है।
प्रभारी निरीक्षक समय पाल अत्री के अनुसार, पुलिस अधीक्षक शामली के निर्देश पर माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में मामले की गहन जांच कराई गई। जांच क्षेत्राधिकारी नगर शामली जितेन्द्र सिंह ने की, जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए। जांच में सामने आया कि निशा बानो और मोहम्मद सादिक के बीच प्रेम संबंध थे। दोनों परिजनों को बिना बताए घर से चले गए और 18 नवंबर 2025 को जनपद गाजियाबाद के पसौंडा गांव स्थित एक मैरिज स्थल पर फर्जी निकाहनामा तैयार कर निकाह दर्शा दिया। इसके बाद इसी फर्जी दस्तावेज के आधार पर गाजियाबाद में विवाह का पंजीकरण कराकर प्रमाण पत्र भी हासिल कर लिया गया। इतना ही नहीं, जांच में यह भी खुलासा हुआ कि इस प्रक्रिया के दौरान एक अधिवक्ता को ऑनलाइन माध्यम से धनराशि भेजी गई थी। मामले ने तब और गंभीर मोड़ ले लिया जब 7 मार्च 2025 को गलत पते के आधार पर शामली स्थित एक मस्जिद में दोबारा निकाह कर नया निकाहनामा तैयार कराया गया। क्षेत्राधिकारी की जांच में स्पष्ट हुआ कि आरोपियों ने आपसी मिलीभगत से फर्जी निकाहनामा तैयार किया और उस पर फर्जी हस्ताक्षर भी किए।पुलिस ने इस मामले में निशा बानो, मोहम्मद सादिक व अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 336, 338 व 340 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की विवेचना निरीक्षक योगेन्द्र सिंह को सौंपी गई है। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

