गाजियाबाद
मंडोला विहार योजना से प्रभावित किसानों का धरना दूसरे दिन भी जारी
रात में पुलिस से हुई नोकझोंक
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
गाजियाबाद : मंडोला विहार योजना और ट्रॉनिका सिटी से प्रभावित किसानों का धरना मंगलवार को दूसरे दिन भी तहसील परिसर में जारी रहा। यह आंदोलन भारतीय किसान यूनियन (BKU) के नेतृत्व में चल रहा है।
बीती रात करीब 10 बजे अपर जिलाधिकारी (भू-अर्जन) धरनास्थल पर पहुंचे और किसानों से वार्ता का प्रयास किया। प्रशासन की अपील पर प्रारंभ में किसान नहीं माने और तहसील परिसर में ही डटे रहे। लंबे संवाद और समझाने के बाद किसानों ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए अधिकारियों की बात मानकर परिसर का ताला खोल दिया।
हालांकि, देर रात करीब एक बजे प्रशासन भारी पुलिस बल के साथ दोबारा तहसील पहुंचा। इस दौरान किसानों का आरोप है कि अधिकारियों ने चौधरी राकेश टिकैत का नाम लेकर उनकी सहमति का हवाला देते हुए परिसर खाली कराने का प्रयास किया। इससे नाराज़ किसानों और पुलिस के बीच नोकझोंक की स्थिति बन गई। विरोध स्वरूप कई किसान अर्धनग्न होकर खुले आसमान के नीचे धरने पर बैठ गए। बढ़ते तनाव को देखते हुए पुलिस बल को वापस खाली हाथ लौटना पड़ा।
बुधवार को भी किसानों का धरना जारी रहा। तहसील में किसानों के साथ आए फरियादियों की समस्याओं का भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को बुलाकर निस्तारण कराया।
इस दौरान यूपीएसआईडीसी के अधिकारी भी पहुंचे और किसानों की मांगें सुनीं। उन्होंने आश्वासन दिया कि शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक कर जल्द समस्याओं का समाधान निकाला जाएगा। वहीं, आवास विकास परिषद के अधिकारियों ने अपर जिलाधिकारी विवेक मिश्रा के माध्यम से आवास आयुक्त लखनऊ से वार्ता की और 11 नवम्बर को किसानों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक कराने का प्रस्ताव दिया।
आवास विकास परिषद ने किसानों से तहसील परिसर से धरना समाप्त करने का आग्रह भी किया, जिस पर किसानों ने कहा कि तालाबंदी से पहले जिलाधिकारी गाजियाबाद और चौधरी राकेश टिकैत की अध्यक्षता में वार्ता होने के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।
धरना स्थल पर पश्चिम उत्तर प्रदेश संगठन के मंत्री प्रवीण मलिक, कार्यकारिणी सदस्य विपिन बालियान बिल्लू प्रधान, संजीव बालियान धरने में सैकड़ों किसान मौजूद रहे और अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे।


