भीषण गर्मी में बिजली संकट बना जानलेवा, लोनी में लोग बीमार
नागरिक बोले- “क्या बिजली विभाग पर FIR होगी?”
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : नौतपा की भीषण गर्मी के बीच लोनी क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती अब लोगों की सेहत पर भारी पड़ने लगी है। लगातार तीन दिनों से दिन-रात हो रही बिजली कटौती, बार-बार ट्रिपिंग और घंटों सप्लाई ठप रहने से लोग मानसिक तनाव और शारीरिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं। कई लोगों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल तक ले जाना पड़ा।
कंचन पार्क, राजनगर, गुलाब वाटिका कॉलोनी, गंगा एन्क्लेव, इंद्रा एन्क्लेव, पंचवटी कॉलोनी, प्रेम नगर समेत कई इलाकों में हालात बेहद खराब बने हुए हैं। लोगों का कहना है कि रातभर बिजली नहीं रहने से छोटे बच्चे, बुजुर्ग और बीमार मरीज सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। उमस और गर्मी के कारण लोगों को सांस लेने में दिक्कत, बेचैनी, सिरदर्द, ब्लड प्रेशर और घबराहट जैसी समस्याएं हो रही हैं।
“मानसिक तनाव में जी रहे लोग
स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि लगातार कटौती के कारण लोगों की नींद पूरी नहीं हो पा रही है। रातभर पंखे और कूलर बंद रहने से लोग जागकर रात काटने को मजबूर हैं। इससे मानसिक तनाव बढ़ रहा है और लोगों की तबीयत बिगड़ रही है।
सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुपों में लोग बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। कई जगहों पर लोगों ने सवाल उठाया कि यदि बिजली कटौती के कारण किसी की जान पर बन रही है, लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं, तो क्या इसके लिए बिजली विभाग की जिम्मेदारी तय होगी? क्या विभागीय अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज कराई जा सकती है?
ट्रांसफार्मर फुंकने और ट्रिपिंग से बढ़ी परेशानी
क्षेत्र में लगातार ट्रांसफार्मर फुंकने, ओवरलोडिंग और ट्रिपिंग की शिकायतें सामने आ रही हैं। बिजली गुल होते ही पानी की सप्लाई भी प्रभावित हो रही है, जिससे लोगों की मुश्किलें दोगुनी हो गई हैं। महिलाएं और बच्चे देर रात तक घरों के बाहर गलियों और गेटों पर बैठे नजर आ रहे हैं। अंकुर बिहार डी एल एफ के नागरिक बंटी गुप्ता ने तो विधुत विभाग के खिलाफ एफ आई आर दर्ज कराने के लिए भी सलाह मांगी है इससे अंदाजा लगाया जा सकता है बीमार और बच्चे लाइट ना आने से किस क़दर परेशान हैं
विभाग के कर्मचारी भी दबाव में
बिजली विभाग के कर्मचारी लगातार शिकायतों के निस्तारण में जुटे हैं, लेकिन बढ़ते लोड और तकनीकी खामियों के कारण हालात काबू में नहीं आ पा रहे। विभागीय सूत्रों का कहना है कि गर्मी के चलते बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है।
लोगों ने प्रशासन से मांगा हस्तक्षेप
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो लोगों का आक्रोश बढ़ सकता है। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि स्वास्थ्य से जुड़ी इस गंभीर समस्या को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।

