शामली
फर्जी सीआईए इंस्पेक्टर बन मेडिकल संचालक से मांगी पांच लाख की रंगदारी
तीन का शांति भंग में चालान
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
चौसाना। क्षेत्र में खुद को हरियाणा सीआईए से जुड़ा बताने वाले एक आरोपी द्वारा मेडिकल संचालक से पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगने का मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। मामले में पुलिस द्वारा गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के बजाय तीन लोगों का शांति भंग में चालान किए जाने से पूरे क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। लोगों का कहना है कि फर्जी पुलिसिया रौब दिखाकर क्षेत्र में रंगदारी मांगने की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं।
बिडौली निवासी एक मेडिकल संचालक को फोन कर युवक ने खुद को हरियाणा सीआईए से जुड़ा बताते हुए नशीली दवाएं बेचने का आरोप लगाते हुए पांच लाख रुपये की मांग की थी। आरोप है कि रुपये न देने पर झूठे मुकदमे में फंसाने और पुलिस से उठवाने की धमकी भी दी गई। इस संबंध में 25 मई को बिजली चौकी पर तहरीर दी गई थी। क्षेत्र में चर्चा है कि बाद में बातचीत के दौरान मामला 50 हजार रुपये में समझौते में तय हो गया था।
बताया जाता है कि हरियाणा निवासी युवक तय रकम लेने के लिए बिडौली पहुंचा था, लेकिन वहां भीड़भाड़ अधिक होने पर वह चौसाना क्षेत्र में मिलने को कहा। उधर मेडिकल संचालक भी अपने साथियों के साथ कार में चौसाना की ओर रवाना हो गया। इसी दौरान कथित फर्जी सीआईए इंस्पेक्टर भी बिना नंबर की टीवीएस बाइक पर अपने साथी के साथ चौसाना के सुन्दरनगर मोड पर पहुंच गया।
सूत्रों के अनुसार सुंदरनगर के पास मेडिकल संचालक और उसके साथियों ने दोनों युवकों को पकड़ लिया। आरोप है कि वहां उनके साथ मारपीट की गई। बाद में दोनों को चौसाना चौकी ले जाया गया, जहां भी कथित फर्जी सीआईए इंस्पेक्टर और उसके साथी के साथ हाथापाई व मारपीट होने की सूचना है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों कथित रंगदारी मांगने वाले युवकों और मेडिकल संचालक के एक साथी को हिरासत में ले लिया पुलिस हिरासत में आरोपियों ने मेडिकल स्टोर से नशे के कैप्सूल ले जाकर ब्लैक मेल करने की बात की हामी भरी। बताया जाता है कि चौकी जाने के बाद भी मेडिकल संचालक में उसके साथियों द्वारा उक्त लोगों के साथ हाथापाई और मारपीट की गई है।
पुलिस ने मामले में विकास पुत्र भीम सिंह निवासी मनोहरपुर जनपद करनाल, आवेश पुत्र इस्लाम निवासी दौलतपुर गंगोह जनपद सहारनपुर तथा मेडिकल संचालक के साथी बाबर पुत्र तकी निवासी बिडौली थाना झिंझाना का शांति भंग में चालान किया है।
क्षेत्र में चर्चा है कि पकड़ा गया युवक लंबे समय से खुद को हरियाणा सीआईए से जुड़ा बताकर लोगों पर पुलिसिया धौंस जमाता था। बताया जा रहा है कि उसके पिता हरियाणा पुलिस में तैनात थे और उनकी मृत्यु हो चुकी है। पिता के पुलिस विभाग में होने का फायदा उठाकर युवक लोगों पर रौब गांठता था। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे पहले भी युवक का नाम कई विवादित मामलों में सामने आ चुका है।
चर्चा यह भी है कि उक्त मेडिकल संचालक के यहां से नशीली दवाइयों की सप्लाई हरियाणा तक होने की बात सामने आई थी, जिसके बाद कथित फर्जी सीआईए इंस्पेक्टर ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर मेडिकल संचालक से पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगनी शुरू कर दी। हालांकि इस पूरे मामले में पुलिस की ओर से अभी तक किसी भी पक्ष के खिलाफ रंगदारी, धमकी या फर्जी पहचान से संबंधित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है, जिससे क्षेत्र में सवाल उठ रहे हैं।


