
नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
नजीबाबाद। तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत कुशालपुर मडका में गुलदार के हमले से छह वर्षीय मासूम की दर्दनाक मौत के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। गांव निवासी भूदेव कश्यप पुत्र नक्श कश्यप उर्फ कल्लू, उम्र करीब छह वर्ष, बुधवार शाम से लापता था। परिजनों और ग्रामीणों ने रातभर बच्चे की तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका।
गुरुवार सुबह करीब 8 बजे गांव से लगभग 150 मीटर दूर गन्ने के खेत में मासूम का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव मिलने की सूचना पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने बच्चे को गुलदार द्वारा उठा ले जाने की आशंका जताई, जिसके बाद गांव में भय और आक्रोश का माहौल बन गया।
घटना की सूचना मिलते ही भारतीय किसान यूनियन प्रधान व्यापार प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष रामोद कुमार मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर दुख जताया तथा प्रशासन से परिवार को हरसंभव सहायता दिलाने और क्षेत्र में गुलदार के आतंक से निजात दिलाने की मांग की।
मासूम की मौत के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने क्षेत्र की सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने, गांव में पर्याप्त लाइट लगवाने और संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने की मांग रखी। ग्रामीणों का कहना है कि गन्ने के खेतों और गांव के आसपास अंधेरा व झाड़ियां होने के कारण गुलदार की गतिविधियों का पता लगाना मुश्किल हो जाता है। यदि गांव में पर्याप्त रोशनी, सफाई और निगरानी की व्यवस्था हो तो खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
घटना के बाद प्रशासन भी हरकत में आया। बताया गया कि प्रशासन ने तुरंत ड्रोन कैमरे मंगवाकर आसपास के खेतों और इलाके में गुलदार की तलाश शुरू कराई, ताकि उसकी लोकेशन का पता लगाया जा सके। इसके साथ ही गुलदार को पकड़ने के लिए एक पिंजरा भी लगाया गया है। वन विभाग की टीम द्वारा क्षेत्र में निगरानी बढ़ाए जाने की बात कही गई है।
पीड़ित परिवार को प्रशासन की ओर से सहायता दिलाने का भी आश्वासन दिया गया है। उप जिलाधिकारी ने परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ ही एक पट्टा दिलाने का आश्वासन दिया है। प्रशासन की ओर से त्वरित कार्रवाई के बावजूद ग्रामीणों में गुलदार को लेकर भय कम नहीं हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि मासूम की जान जाने के बाद अब प्रशासन को केवल तलाश तक सीमित न रहकर गुलदार को पकड़ने के लिए प्रभावी अभियान चलाना चाहिए। साथ ही गांव में रोशनी, सफाई और सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था तत्काल कराई जाए, ताकि ग्रामीणों और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
मासूम की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है, वहीं गांव में मातम और दहशत का माहौल है। ग्रामीणों की निगाहें अब वन विभाग और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि कब गुलदार को पकड़कर ग्रामीणों को इस खौफ से निजात दिलाई जाती है।


