
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल : सारनी से छिंदवाड़ा की ओर चलने वाली प्राइवेट बसों में नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। यात्रियों से किराया तो वसूला जा रहा है, लेकिन उन्हें न तो वैध टिकट दिया जा रहा है, न ही कोई डिजिटल या कार्बन कॉपी वाली रसीद।
स्थानीय यात्रियों ने बताया कि एजेंट द्वारा कागज पर हाथ से लिखी गई पर्ची को ही टिकट बताकर यात्रियों को थमाया जा रहा है। यह स्थिति न केवल परिवहन नियमों का उल्लंघन है, बल्कि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में बीमा या जिम्मेदारी की गुंजाइश भी खत्म कर देती है।
चौंकाने वाली बात यह है कि एजेंट का कहना है, “मिगलानी बस कंपनी को 25,000 रुपये दिए हैं। टिकट मेरी मर्जी से ही बनेगा।” इस बयान से स्पष्ट है कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव है और नियमों की धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं।
इस प्रकार की मनमानी से यात्रियों की सुरक्षा व अधिकार दोनों खतरे में हैं। यदि भविष्य में कोई दुर्घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी तय करना मुश्किल होगा क्योंकि किसी के पास वैध टिकट या रिकॉर्ड ही नहीं होगा।
प्रशासन से माँग:
स्थानीय नागरिकों ने परिवहन विभाग और जिला प्रशासन से इस मामले में तत्काल संज्ञान लेने की अपील की है, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और नियमों के उल्लंघन पर रोक लगाई जा सके।
नंदू वर्मा कांग्रेस नेता पाथाखेड़ा
इनका कहना है कि आपके द्वारा संज्ञान में दिया गया है कि सभी यात्रियों की टिकट पर बैठने से लेकर-जाने की जगह की एंट्री सुनिश्चित की जानी चाहिए। जल्द ही सभी यात्री परिवहन करने वाली बसो को सूचित कर दिया जाएगा।
अनुराग शुक्ला परिवहन अधिकारी बैतूल



